

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा शुरू होने में 1 सप्ताह से भी कम समय बाकी रह गया है। हालांकि शिक्षक और शिक्षाकर्मियों की कमी स्कूल मैनेजमेंट के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान कई विशेष प्रक्रियाएं होती हैं, जिसमें शिक्षकों की भूमिका विशेष होती है। छात्रों की सीटिंग अरेंजमेंट से लेकर परीक्षा के निरीक्षण तक, सभी कामों के लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक होने चाहिए। ऐसे में स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि स्कूल से कई शिक्षक SIR में BLO के तौर पर काम कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। वहीं कई पेपरवर्क्स होते हैं, जो ग्रुप C लेवल के स्टाफ करते हैं, मगर कुछ स्कूलाें में 1 से 2 स्टाफ ही बचे हैं। इसके अलावा ग्रुप D के स्टाफ की कमी भी समस्या बनी हुई है। ऐसे में स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि शिक्षक और शिक्षाकर्मियों की कमी की वजह से समस्याएं काफी हो रही है, मगर बोर्ड के निर्देशानुसार काम किया जा रहा है।
अन्य स्कूलों से प्रतिनिधि की होगी नियुक्ति
कुछ स्कूल के हेडमास्टरों ने बताया कि 2 फरवरी से माध्यमिक की परीक्षा शुरू हो रही है, ऐसे में DI की ओर से कहा गया है कि जिन स्कूलों को माध्यमिक परीक्षा के केंद्र के रूप में नहीं चुना गया है वहां से प्रतिनिधियों की नियुक्ति परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों में की जाएगी। शिक्षक परीक्षा में इनविजीलेटर के रूप में काम करेंगे और ग्रुप C व ग्रुप D के स्टाफ ऑफिशियल वर्क व अन्य संबंधित काम करेंगे। मालूम हो कि भ्रष्टाचार के आरोप में कोर्ट के निर्देश पर SSC 2016 के पूरे पैनल को रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद लगभग 26 हजार लोगों की नौकरी चली गई थी। इस घटना के बाद यह पहला साल है, जब पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा आयोजित करने जा रहा है।
क्या कहा स्कूल के हेडमास्टरों ने?
आर्य परिषद स्कूल के टीचर इंचार्ज भगवान सिंह ने कहा कि पूरे स्कूल में उनको मिलाकर मात्र 13 शिक्षक हैं, स्कूल से 4 शिक्षक SIR के काम में लगे हुए है। वहीं स्कूल में ग्रप C व ग्रुप D के कर्मी भी कम हैं, ऐसे में परीक्षा के आयोजन में दिक्कतें आ रही हैं, मगर बोर्ड के निर्देश के अनुसार कामों को मैनेज किया जा रहा है। नारायण दास बांगुर मेमोरियल मल्टीपर्पज स्कूल के हेडमास्टर संजय बरुआ ने कहा कि DI की ओर से कहा गया है कि जिन स्कूलों को माध्यमिक परीक्षा के केंद्र के रूप में नहीं चुना गया है, वहां से प्रतिनिधियों की नियुक्ति परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों में की जाएगी।