

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। वैसे तो ईश्वर की आराधना की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन यह पावन पर्व विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में अन्य जगहों के साथ शहर के विद्यालयों में भी वीणा वादिनी मां सरस्वती के आगमन की तैयारी काफी जोर-शोर से चल रही है। विद्यालयों को ज्ञान का मंदिर माना जाता है और मां सरस्वती को ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी, इसलिए स्कूलों में इस पर्व का विशेष महत्व है। स्कूलों में सजावट से लेकर मां के आगमन तक की सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
स्कूलों में चल रही हैं तैयािरयां
कुछ स्कूलों ने सरस्वती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, तो कुछ स्कूलों में हवन और प्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। छात्र सरस्वती वंदना, भजन, श्लोक पाठ, संगीत और नृत्य की तैयारियां करने में लगे हुए हैं। मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के लिए विशेष मंच तैयार किया गया है, जहां विधि-विधान से पूजा संपन्न की जाएगी। कई स्कूलों में थीम के मुताबिक सजावट की गई है। सरस्वती पूजा पर बच्चे अपनी पुस्तकों, कलम और वाद्य यंत्रों की पूजा कर मां सरस्वती से बुद्धि, विवेक और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं। स्कूल मैनेजमेंट की ओर से भी कहा गया है कि हर साल स्कूलों में सरस्वती पूजा काफी अच्छे तरीके से आयोजित की जाती है और इस दिन सभी बच्चों और उनके अभिभवकों से पूजा में शामिल होने का आग्रह किया जाता है।
क्या कहा स्कूल की प्रिंसिपलों ने?
श्री शिक्षायतन स्कूल की प्रिंसिपल संगीता टंडन ने बताया कि सरस्वती पूजा पर स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। सभी बच्चे नृत्य, संगीत और अपने कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दिन पूजा में मुख्य रूप से स्कूल के पूर्व छात्रों को भी आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने बताया कि काफी आस्था और श्रद्धा के साथ बच्चे पूजा की तैयारियां कर रहे हैं। डीपीएस हावड़ा की प्रिंसिपल सुनीता अरोड़ा ने बताया कि स्कूल में सरस्वती पूजा में बोर्ड के छात्रों द्वारा हवन कराया जाएगा। काफी उत्साह और उल्लास के साथ बच्चे कार्यक्रम की तैयारियों में लगे हुए हैं।