पश्चिम बंगाल के सरकारी कॉलेजों में 70% से अधिक सीटें अब भी खाली

कॉलेजों में छात्र संख्या कम, 9 लाख सीटों में से केवल 28.81% भरी गईं
पश्चिम बंगाल के सरकारी कॉलेजों में 70% से अधिक सीटें अब भी खाली
Published on

पश्चिम बंगाल के सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष की सीटों का भारी हिस्सा अभी भी खाली है। दो चरणों की काउंसलिंग के बाद भी राज्य के सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त कॉलेजों में कुल 9,36,215 सीटों में से केवल 28.81% सीटें ही भरी गई हैं। यानी करीब 6.7 लाख सीटें अभी भी खाली हैं। यह जानकारी गुरुवार को एक अधिकारी ने दी।

केंद्रीकृत प्रवेश पोर्टल पर कुल 4,21,301 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन सिर्फ 2,69,777 छात्रों को ही प्रवेश मिला। पहले चरण की काउंसलिंग में लगभग 2.30 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था, जबकि दूसरे चरण में 39,000 से अधिक छात्रों को प्रवेश मिला। तुलना करें तो पिछले साल 4.44 लाख सीटें भरी गई थीं, जो इस बार की संख्या से काफी अधिक है।

जब यह पूछा गया कि क्या दुर्गा पूजा के बाद काउंसलिंग का एक और दौर होगा, तो अधिकारी ने कहा कि इससे शैक्षणिक कैलेंडर पर असर पड़ेगा, इसलिए फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छात्रसंघ के अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई है कि दुर्गा पूजा के बाद स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि सरकार कॉलेजों को सीधे प्रवेश शुरू करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि खाली सीटों को भरा जा सके।

पश्चिम बंगाल में कॉलेजों में प्रवेश की यह स्थिति शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि खाली सीटें युवा छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की पहुंच में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। शैक्षणिक संस्थान और सरकार मिलकर इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in