प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से डी.एल.एड. कर चुके अभ्यर्थियों ने मंगलवार को अपनी लंबित नियुक्तियों की मांग को लेकर कोलकाता की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। NIOS डी.एल.एड. संग्राम मंच के बैनर तले अभ्यर्थियों ने CL ब्लॉक से आचार्य प्रफुल्ल चंद्र भवन तक मार्च निकाला। इस मार्च में सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनके हाथों में प्लेकार्ड थे और जो सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
प्रदर्शन को देखते हुए पूरे मार्ग में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, मार्च को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मार्च हाई कोर्ट की अनुमति से निकाला जा रहा था, इसके बावजूद पुलिस द्वारा रोके जाने से उनमें भारी नाराजगी फैल गई।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग 1,233 योग्य डी.एल.एड. अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति देने की है। इसके साथ ही उन्होंने प्राइमरी बोर्ड के प्रेसिडेंट गौतम पाल के इस्तीफे की भी मांग उठाई। अभ्यर्थियों ने सवाल किया कि जब सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश मौजूद है, तो फिर नियुक्ति प्रक्रिया में वर्षों से देरी क्यों की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्होंने सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी कर ली हैं, इसके बावजूद लंबे समय से नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे वर्षों से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं और लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। NIOS डी.एल.एड. संग्राम मंच के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगामी चुनावों में मतदान से दूर रहने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।