

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : शीतकालीन अवकाश के बाद 2 जनवरी से राज्य के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है, लेकिन कई स्कूलों में नियमित पठन-पाठन पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। कारण यह है कि कई स्कूल परिसरों का उपयोग SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य के लिए किया जा रहा है, वहीं बड़ी संख्या में शिक्षक BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) ड्यूटी में तैनात हैं। इसके चलते स्कूलों में शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भारी कमी देखी जा रही है। इसी बीच लगभग एक महीने में बोर्ड परीक्षाएं और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं का कार्यक्रम भी निर्धारित है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन के सामने यह बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि पाठ्यक्रम समय पर कैसे पूरा किया जाएगा और नियमित कक्षाएं कैसे संचालित होंगी। जानकारी के अनुसार, कई स्कूलों में कुछ विषयों के लिए केवल 1 या 2 शिक्षक ही उपलब्ध हैं, जबकि कुछ विषयों में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। परिणामस्वरूप, स्कूल खुलने के बावजूद कुछ विषयों की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
क्या कहा स्कूल मैनेजमेंट ने?
नारायण दास बांगुर मल्टीपर्पस स्कूल के हेडमास्टर संजय बरुआ ने कहा कि नया एकेडमिक सेशन शुरू हो गया है, लेकिन कुछ विषयों की क्लासेस नहीं चालु हुई है। यह इसलिये क्योंकि उन विषयों के शिक्षक BLO ड्यूटी में हैं। इस तरह सिलेबस कैसे पूरा होगा यह चिंना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा काॅमर्स और अंग्रेजी की क्लासेस प्रभावित हो रही हैं। पूरे स्कूल में मात्र 19 शिक्षक क्लासेस ले रहे हैं। भवानीपुर मित्रा इंस्टीट्यूशन में, दोनों बिल्डिंग के कुछ कमरे SIR के काम के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। हेडमास्टर राजा डे ने कहा कि 11 शिक्षक BLO ड्यूटी कर रहे हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही है। बंडेल महात्मा गांधी स्कूल के हेडमास्टर विजय कुमार प्रसाद ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण समस्या तो हो रही है, मगर किसी तरह प्रबंध किया जा रहा है। रानी रासमणि हाई स्कूल के हेडमास्टर सैयद मोहसिन इमाम ने बताया कि स्कूल कैंपस में SIR के काम के बीच क्लास फिर से शुरू हो गईं है। हालांकि स्कूल में पर्याप्त जगह हाेने की वजह से SIR का काम और क्लासेस दोनों अच्छे से चल रही है। स्कूल में लगभग 10 टीचर थे, जिनमें से 5 SIR ड्यूटी में लगे हुए हैं। ऐसे में पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा फरवरी में बोर्ड परीक्षा के अलावा काफी परीक्षाएं भी निर्धारित हैं, मगर शिक्षकों की कमी से ठीक से क्लास नहीं संचालित हो रही है।