

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : प्रारंभिक स्तर के बच्चों के बीच सीखने की रुचि और संवाद क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। 'माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्लान' के तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जो UNICEF के सहयोग से संचालित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह है, कि बच्चे किसी नए या अपरिचित विषय पर बात कर सकें, गाने या कविताएं सीखने के बाद उनके मन में प्रश्न उत्पन्न हो और वे अपनी जिज्ञासा को व्यक्त कर सकें। शिक्षकों को सिखाया गया है, कि किस प्रकार खेल-खेल में बच्चों को भाषा और गणित जैसी बुनियादी क्षमताएं सिखाई जा सकती हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, इस योजना को राज्य भर में लागू किया जाएगा। प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर पर बच्चों को खिलौने, जैसे छोटी गाड़ियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री दी जा रही है, जिनके माध्यम से उन्हें रंग, आकार और संख्या की समझ विकसित कराई जा सकती है। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कराने की मांग की है। उनका मानना है कि आमने-सामने प्रशिक्षण अधिक प्रभावी होता है और इससे विषय की बेहतर समझ विकसित होती है।