

सन्मार्ग संवाददाता,
कोलकाता : कोलकाता में लगातार हो रही बारिश और उसके बाद बने जलजमाव की स्थिति ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इसका असर शहर के शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई प्राइवेट स्कूलों ने दुर्गा पूजा की निर्धारित छुट्टियों से पहले ही स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि, कुछ स्कूलों ने पढ़ाई को प्रभावित न होने देने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प अपनाया है।
मंगलवार को शहर के कई इलाकों में जलजमाव इतना गंभीर था कि कई स्कूलों को सुबह-सुबह ही आपात निर्णय लेकर बंद कर दिया गया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।
स्कूल प्रशासन का क्या कहना है?
श्री शिक्षायतन स्कूल की प्रिंसिपल संगीता टंडन ने बताया कि मंगलवार को स्कूल बंद था, लेकिन आगे की स्थिति को देखकर ही निर्णय लिया जाएगा कि स्कूल खोला जाए या बंद रखा जाए।
द बीएसएस स्कूल की प्रिंसिपल सुनिता सेन ने कहा कि स्कूल को मंगलवार से ही बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छुट्टी के कारण पढ़ाई में जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई नवंबर महीने में शनिवार को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर की जाएगी।
अशोका हॉल स्कूल की प्रिंसिपल दिवजोत कौर ने बताया कि स्कूल परिसर में पानी घुटनों तक भर चुका है, इसलिए छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद करना पड़ा। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।
ला मार्टिनियर स्कूल के सेक्रेटरी सुप्रियो धर ने कहा कि स्कूल में दुर्गा पूजा की छुट्टियां बुधवार से घोषित कर दी गई हैं।
वहीं, सेंट थॉमस फॉर बॉयज स्कूल (खिदिरपुर) के प्रिंसिपल सुमन विश्वास ने जानकारी दी कि मंगलवार की सभी कक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। अगर जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, तो बुधवार और आगे के दिनों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर लिया गया यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों के लिए सही है।