

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने कैंपस में 'जेंडर न्यूट्रल हॉस्टल' की मांग की है। स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन SFI ने भी इस मांग का सपोर्ट किया है। स्टूडेंट्स के उस ग्रुप का दावा है कि कैंपस में कई ऐसे स्टूडेंट हैं, जो खुद को मेल या फीमेल नहीं मानते। उन स्टूडेंट को अपने बर्थ जेंडर के हिसाब से मेल या फीमेल हॉस्टल में रहना पड़ता है और वहीं से कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं। इस बारे में कोलकाता डिस्ट्रिक्ट कमेटी SFI के अभिनव बासु ने कहा कि कैंपस में कई ऐसे स्टूडेंट हैं, जो बॉयज या गर्ल्स हॉस्टल में रहने में असहज महसूस करते हैं, इसीलिए हमने यह मांग उठाई है। हॉस्टल में रहने के दौरान कई तरह की मानसिक दिक्कतों और दबावों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, जेंडर न्यूट्रल हॉस्टल एक बहुत ज़रूरी मांग है।
हैरेसमेंट के दौरान तुरंत एक्शन लेने के लिए ऐप की मांग
स्टूडेंट्स ने हैरेसमेंट को रोकने और हैरेसमेंट के दौरान तुरंत एक्शन लेने के लिए 'अलाप' नाम के ऐप की भी मांग की है, जिससे इमरजेंसी सिचुएशन में डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा जा सके और शिकायत भी दर्ज की जा सके। इसमें एक SOS नाम का फीचर होगा, जिसकाे क्लीक करने पर यूनिवर्सिटी के उच्च अधिकारियों ओर गार्ड्स तक एक सिगनल पहुंचेगी और उन्हें घटना की जानकारी मिलेगी। इससे वे तुरंत मौके पर पहुंच सकेंगे। इस बारे में स्टूडेंट्स आज. सोमवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी के वीसी चिरंजीव भट्टाचार्य से बात करेंगे।