

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : प्रश्नपत्रों के बाद अब मार्कशीट में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उच्च माध्यमिक शिक्षा संसद सुरक्षा सुनिश्चित करने जा रही है। किसी भी तरह से मार्कशीट की जालसाजी न हो, इसे रोकने के लिए संसद नई व्यवस्था लागू कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, चौथे सेमेस्टर के बाद जो मार्कशीट दी जाएगी, उसमें 'UV सिक्योरिटी थ्रेड कोड' सिस्टम होगा। यह सिस्टम अभी भारतीय करेंसी और पासपोर्ट में मौजूद है। उच्च माध्यमिक शिक्षा संसद के प्रेसिडेंट चिरंजीव भट्टाचार्य ने कहा, हम एग्जामिनेशन सिस्टम में हर तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं। हम तीसरे सेमेस्टर से ही क्वेश्चन पेपर में एक खास कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसी प्रकार इस बार भी पूरे एग्जामिनेशन सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए यह नया सिस्टम लाया जा रहा है।
क्या है UV सिक्योरिटी थ्रेड?
UV सिक्योरिटी थ्रेड असल में एक पतला, चमकदार धागा होता है। जब इस शीट पर अल्ट्रावॉयलेट किरणें (UV-किरणें) पड़ती हैं, तो वह तार चमकता है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन सा पैसा असली है और कौन सा नकली। UV धागे के साथ-साथ मार्कशीट पर एक खास कोड भी होगा। सितंबर में उच्च माध्यमिक का तीसरा सेमेस्टर ऑर्गनाइज किया गया था। सवाल लीक होने से रोकने के लिए, पार्लियामेंट ने सवाल-पत्र और आंसर शीट पर एक खास QR कोड का इस्तेमाल किया था, जो नंगी आंखों से दिखाई नहीं देता था। इससे एक्सपर्ट आसानी से नकली सवाल-पत्रों की पहचान कर सकते हैं।