

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक वीसी शांता दत्ता दे, जिन्हें राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने 2023 में कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया था, ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि उन्हें दिन में पहले एक पत्र जारी किया गया था जिसमें उनसे परीक्षा की तारीख पुनर्निर्धारित करने के लिए कहा गया था क्योंकि यह 28 अगस्त को ही पड़ रही है, जो तृणमूल छात्र परिषद का स्थापना दिवस है। इससे छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस पर वीसी ने सवाल किया कि राज्य सरकार किसी खास राजनीतिक दल का खुलेआम समर्थन करने के लिए ऐसा पत्र कैसे जारी कर सकती है।
साथ ही उन्होंने कहा कि इससे 168 साल पुराने सरकारी संस्थान की कार्यात्मक स्वायत्तता कमजोर हुई है। पिछले कुछ दिनों से वीसी को कथित तौर पर टीएमसीपी के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा उनकी नियुक्ति में अनियमितताओं के आरोपों के बाद सीयू की पूर्णकालिक वीसी सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी के जाने के बाद दत्ता ने पदभार संभाला था। टीएमसीपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने दत्ता पर भगवा खेमे के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण शैक्षणिक निर्णय नहीं है। वीसी को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। वह संस्थान या व्यवस्था से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि उस दिन न केवल टीएमसीपी समर्थक, बल्कि हजारों उम्मीदवार सीयू से संबद्ध विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा देंगे। शहर में रैलियां होंगी जिससे यातायात बाधित हो सकता है। क्या उन्हें आम परीक्षार्थियों की चिंता नहीं है?