

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कलकत्ता यूनिवर्सिटी (सीयू) ने कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट (यूजी) एडमिशन के लिए इंडेक्स कैलकुलेशन में 'बेस्ट-ऑफ-फोर' स्कोर के साथ-साथ विषय के अंकों को भी शामिल करने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय जल्द ही इसे उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगा। बुधवार को यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया है कि अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन की पात्रता तय करने के लिए मेरिट इंडेक्स की गणना छात्र द्वारा प्राप्त अंकों के क्रम में सबसे अच्छे चार विषयों में प्राप्त अंकों और 'मेजर' विषय के तौर पर चुने गए विषय या उससे संबंधित विषय में प्राप्त अंकों को जोड़कर की जाएगी। यदि किसी छात्र ने प्लस-2 स्तर पर वह विषय या उससे संबंधित विषय नहीं पढ़ा है, तो मेरिट इंडेक्स की गणना केवल सबसे अच्छे चार विषयों में प्राप्त अंकों को जोड़कर की जाएगी।
क्या कहा वीसी ने?
सीयू के वीसी आशुतोष घोष ने कहा कि कॉलेज के प्रिंसिपलों से मिली प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए हम सबसे अच्छे चार विषयों में प्राप्त अंकों के साथ-साथ विषय के अंकों की गणना करने के अपने फैसले पर कायम हैं। इस बारे में ऑल बंगाल प्रिंसिपल्स काउंसिल के महासचिव मानस कवि ने कहा कि कॉलेज के प्रिंसिपलों ने इस फैसले का स्वागत किया, क्योंकि उनमें से कई इस बात को लेकर चिंतित थे कि विषय के अंकों को गिना नहीं जा रहा था, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती थी। यूनिवर्सिटी से अधिसूचना मिलने के बाद हम संतुष्ट हैं।