6 साल बाद कलकत्ता यूनिवर्सिटी में हुआ दीक्षांत समारोह

चांसलर आर.एन. रवि ने छात्रों को AI, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़ने का दिया 'गुरुमंंत्र' 1,100 शोधार्थियों को PhD, विशिष्ट हस्तियों को D.Sc. और D.Lit. से किया गया सम्मानित
6 साल बाद कलकत्ता यूनिवर्सिटी में हुआ दीक्षांत समारोह
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प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : आखिरकार 6 सालाें का लंबा इंतजार खत्म हो गया। कलकत्ता यूनिवर्सिटी में सोमवार को दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के सेंटेनरी हॉल, जो कॉलेज स्ट्रीट कैंपस के अंदर स्थित है, में आयोजित किया गया। इस मौके पर बंगाल के राज्यपाल व यूनिवर्सिटी के चांसलर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। साथ ही यूनिवर्सिटी के वीसी आशुतोष घोष, रजिस्ट्रार देवाशीष दास व अन्य गणमान्य मौजूद रहे। इस दौरान 2024 और 2026 के बीच अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करने वाले लगभग 1,100 रिसर्च स्कॉलर्स को सेरेमनी के दौरान PHD की डिग्री प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विजय पांडुरंग भटकर को D.Sc. की डिग्री प्रदान की गई। डॉ. रणजीत दास और रेव. फादर थॉमस चैथमपरम्पिल को D.Lit. की डिग्रियां प्रदान की गई। इसके अलावा आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय, रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद समेत अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम पर रखे गए विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए। चांसलर आर.एन. रवि ने सभी छात्रों को स्वयं डिग्री प्रदान की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस सेरेमनी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. डॉ. सुमन चक्रवर्ती ने अपने वक्तव्य से सभी का ध्यान खींचा।

चांसलर ने यह कहा...

चांसलर आर.एन. रवि ने कहा कि भारत 15 अगस्त 2047 तक साइंस, रिसर्च और इंटेलेक्चुअल राइट्स के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बन जाएगा और बंगाल, जिसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत बहुत अच्छी है, उसमें अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स से कहा कि उस दिन आप खुद से पूछिएगा कि मैंने इस देश के लिए क्या किया, क्या मैं भी इस सफर का हिस्सा हूं। उन्होंने कहा कि जो स्टूडेंट्स सीधे तौर पर AI सब्जेक्ट से जुड़े नहीं हैं, उन्होंने उनसे खुद को इस तेजी से उभरती हुई स्ट्रीम के साथ जुड़ने के बारे में कहा, क्योंकि भारत अब रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग और उससे जुड़े फील्ड में दुनिया को लीड कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को और मजबूत व आत्मनिर्भर होना है और इसमें आपकी भूमिका जरूरी है। यह बताते हुए कि भारत ने योग करने में दुनिया को कैसे लीड किया, चांसलर ने स्टूडेंट्स से कहा कि वे हेल्दी रहने के लिए हर दिन योग करें। इस तरह से उन्होंने छात्रों को गुरुमंत्र दिया।

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