CBSE : पहले फेज को नजरअंदाज किया, तो दूसरा एग्जाम नहीं दे सकेंगे

क्लास 10वीं का पहला चरण 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक
CBSE : पहले फेज को नजरअंदाज किया, तो दूसरा एग्जाम नहीं दे सकेंगे
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प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से क्लास 10 के छात्रों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का बड़ा फैसला किया है। यह निर्णय जून 2024 में घोषित किया गया था और अब बोर्ड ने इसके नियमों और संरचना को औपचारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है। नई प्रणाली के अनुसार 2026 में क्लास 10वीं की बोर्ड परीक्षा दो चरणों में होगी। पहला चरण 17 फरवरी से 9 मार्च तक जबकि दूसरा चरण मई में आयोजित किया जाएगा।

हालांकि, सभी छात्रों को दूसरे चरण में बैठने का अधिकार स्वतः नहीं मिलेगा। बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जो छात्र पहले चरण की परीक्षा में कम से कम तीन विषयों की परीक्षा नहीं देंगे, वे दूसरे चरण में शामिल नहीं हो सकेंगे। यानी, पहले चरण को नज़रअंदाज़ करके केवल दूसरे चरण को मुख्य परीक्षा के रूप में देना संभव नहीं होगा। यह स्पष्ट किया गया है कि पहला चरण ही "मेन बोर्ड एग्जाम" माना जाएगा।

बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि कोई छात्र पहले चरण में कुछ विषय देकर शेष विषयों को दूसरे चरण में देने का प्रयास करता है, तो उसे भी अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका अर्थ है कि दूसरे चरण की परीक्षा सिर्फ "इम्प्रूवमेंट एग्जाम" है, जिसका उद्देश्य छात्रों को अपने परिणाम सुधारने का एक अतिरिक्त अवसर देना है। इसलिए छात्रों को अपनी मुख्य तैयारी पहले चरण की परीक्षा पर केंद्रित रखनी होगी।

CBSE का यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लिया गया है, जिसमें छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करने और लचीलापन प्रदान करने की बात कही गई थी। हालांकि नई व्यवस्था के तहत बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा व्यवस्था में ढिलाई नहीं बरती जाएगी और पहले चरण की परीक्षा को अनिवार्य माना जाएगा। नई प्रणाली से छात्रों को अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने का अवसर तो मिलेगा, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया को संरचित और अनुशासित रखने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य होगा।

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