

प्रगित, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (CBSE) ने एक अहम पहल की है। CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए ‘साइको-सोशल काउंसलिंग सर्विसेज’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े मानसिक और सामाजिक तनाव को कम करना है। यह काउंसलिंग प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो चुकी है और 1 जून तक जारी रहेगी।
CBSE अधिकारियों के अनुसार, यह एक निःशुल्क वार्षिक काउंसलिंग सेवा है, जिसे हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले शुरू किया जाएगा, ताकि छात्र परीक्षा के दबाव, डर, घबराहट और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याओं से बेहतर तरीके से निपट सकें। इस काउंसलिंग सेवा के तहत न केवल छात्र, बल्कि उनके अभिभावक भी टेली-काउंसलिंग का लाभ उठा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार और रविवार को छोड़कर सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक छात्र और अभिभावक विशेषज्ञों से फोन के माध्यम से मार्गदर्शन ले सकेंगे। इस काउंसलिंग प्रक्रिया में देश-विदेश से जुड़े करीब 73 प्रशिक्षित काउंसलर, प्रिंसिपल, साइकोलॉजिस्ट और सोशल वर्कर शामिल हैं, जो विभिन्न भाषाओं में छात्रों को परामर्श देंगे। CBSE की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ऐसे में बोर्ड का फोकस इस बात पर है कि परीक्षा से पहले अधिक से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठाएं और मानसिक रूप से खुद को मजबूत कर सकें। CBSE का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर ही छात्रों के बेहतर प्रदर्शन और समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।