

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों में रचनात्मक लेखन, भाषा कौशल और आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘CBSE बडिंग ऑथर्स प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए लागू किया जा रहा है, जिसमें कक्षा 5 से 10 तक के छात्र अपने मौलिक विचारों पर आधारित छोटी कहानियां लिखकर जमा कर सकेंगे।
CBSE के अनुसार, यह एक निशुल्क कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर अपनी कल्पनाशील सोच को शब्दों में ढालने का अवसर देना है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की पहल से छात्रों की भाषा पर पकड़ मजबूत होगी और उनमें आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता विकसित होगी। बोर्ड ने कहानी लेखन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। छात्र अपनी पसंद का विषय चुन सकते हैं। कहानियां एडवेंचर, साइंस, साइंस फिक्शन, सामाजिक विषयों या किसी अन्य रचनात्मक थीम पर लिखी जा सकती हैं। शब्द सीमा कक्षा के अनुसार तय की गई है। कक्षा 5 और 6 के छात्रों को 500 से 600 शब्दों में, कक्षा 7 और 8 के छात्रों को 600 से 900 शब्दों में, जबकि कक्षा 9 और 10 के छात्रों को 1000 से 1500 शब्दों में अपनी कहानी लिखनी होगी। कहानियां केवल हिंदी या अंग्रेजी भाषा में ही स्वीकार की जाएंगी।
यह कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में जनवरी महीने के दौरान स्कूल स्तर पर कहानी लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें से श्रेष्ठ रचनाओं का चयन किया जाएगा। दूसरे चरण में फरवरी महीने के दौरान स्कूल CBSE द्वारा निर्धारित पोर्टल पर अपनी 12 सर्वश्रेष्ठ कहानियां अपलोड करेंगे। CBSE ने बताया कि चयनित श्रेष्ठ कहानियों को ई-बुक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे छात्रों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।