हृदय रोगियों को तनाव से बचना चाहिए

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हृदय रोगियों को तनाव से बचना चाहिए
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हृदयाघात के लिए रक्त में अधिक कोलेस्ट्रॉल एक मुख्य वजह है। विभिन्न कारणों से हृदय रोग होते हैं। इसी प्रकार हृदयाघात के भी अनेक कारण हैं सपने भी हृदयाघात के कारण बन जाते हैं। विभिन्न अध्ययनाें में यह बात सामने आई है कि बुरे सपनों से भी हार्ट अटैक होता है। कुछ वजहें यहां प्रस्तुत हैं।

जिन लोगों को नींद में रहते हुए हार्ट अटैक हुआ हो, उनके बारे में यह तय माना गया है कि उन्होंने निश्चय ही कोई उत्तेजित करने वाला, काफी डरा देने वाला बुरा सपना देखा होगा।

विशेषज्ञ कहते हैं कि उत्तेजक, डरावने सपने देखने से हमारा हृदय अत्यंत तीव्र गति से धड़कता है, फलस्वरूप रक्त संचार अनियमित-अनियंत्रित हो जाता है जिसका परिणाम हृदयाघात हो सकता है।

यौन उत्तेजक दवाई के सेवन से रक्त संचार तेज हो जाता है। यौनोत्तेजना होने पर भी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इससे भी दिल का दौरा पड़ सकता है जैसा कि अनेक वियाग्रा सेवन करने वालों के साथ हुआ है।

नियमित गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं को भी दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है।

दिल के दौरे की संभावना आनुवंशिक भी हो सकती है। पिता को यदि हृदय रोग था तो बेटे को भी होने की संभावना है।

अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि दिल के दौरे की संभावना सुबह ज्यादा रहती है। सुबह आदमी अधिक हड़बड़ी में रहता है और किसी न किसी मुद्दे पर तनावग्रस्त हो जाता है।

शोधकर्ता कहते हैं कि हृदय रोगियों को तनाव से बचना चाहिए। हमेशा सकारात्मक सोच रखें। नुक्सान, अपमान व बदनामी की चिंता कम करें। हर घटना को अत्यंत संयत भाव से लें। जितना मिला है उसी में संतोष एवं सुख की अनुभूति करें। अध्ययन करें, सृजनात्मक कार्यों में लगें।

हृदय रोगी मक्का, मूंगफली, सूरजमुखी और सोयाबीन का मिला हुआ तेल सेवन करें। सोते समय किसी समस्या किसी महत्त्वपूर्ण महत्त्वाकांक्षी योजना पर विचार न करें। गहरी नींद आए, ऐसा प्रयत्न करें। ए.पी. भारती (स्वास्थ्य दर्पण)

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