शाकाहार अपने आप में है संपूर्ण आहार

आहार चर्चा
शाकाहार
शाकाहार अपने आप में है संपूर्ण आहारसांकेतिक चित्र इंटरनेट से साभार
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प्राचीन भारतीय परंपरा आज तक भी इस बात को मानती है कि शाकाहार भोजन

सर्वोच्च है। इसके नियमित सेवन से शरीर दुरुस्त रहता है। कई बीमारियों से बचा रहता

है क्योंकि फल सब्जियों से हमें विटामिन्स मिल जाते हैं, बींस और दालों से भरपूर

प्रोटीन, सूखे मेवों से जिंक, दूध और दूध से बने उत्पादों से कैल्शियम और प्रोटीन,

अनाज से कार्बोहाइड्रेट्स आदि मिलते हैं।

शाकाहारी भोजन सेवन करने वालों को टाइप-2 डायबिटिज, हृदय रोग का खतरा बढ़ाने

वाले सेचुरेटड फैट व कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाने वाले रोगों का खतरा कम होता है।

शाकाहारी भोजन के सेवन से हमारी पाचन क्रिया तंदुरुस्त रहती है क्योंकि इस भोजन

से फाइबर खूब मिलता है जो कैंसर से भी बचाव करता है।

आइए देखें संपूर्ण आहार के लिए हम क्या खाएं:-

विटामिन ए के लाभ और कहां से प्राप्त करें विटामिन ए:-

विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाने, त्वचा निखारने और कोशिकाओं के निर्माण के लिए

जरूरी हैं। इसकी कमी से नींद में कमी, कमजोरी, त्वचा में खुश्की, बालों में डैंड्रफ, त्वचा

में संक्रमण और वजन घटने की समस्या हो सकती है।

विटामिन ए की प्राप्ति के लिए गाजर, पपीता, संतरा, मौसमी, जिमीकंद, खुबानी आदि

का सेवन नियमित करें। इसके अतिरिक्त पालक, भिंडी, करेला, ब्रोकली जैसी सब्जियों

का सेवन करें।

विटामिन बी 12 के लाभ और कैसे प्राप्त करें:-

विटामिन बी 12 ह्रदय व मस्तिष्क में नई कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाता है जिससे

ह्रदय रोग व अल्जाइमर्स से बचाव में लाभ मिलता है। विटामिन बी 12 लाल रक्त कणों

के निर्माण में सहायक होता है। अगर शरीर में विटामिन बी 12 की कमी हो तो शरीर

में दर्द, कमजोरी और सुस्ती होती है।

विटामिन बी12 के लिए सोया दूध, सोया पनीर, काटेज पनीर, ब्रेड आदि का सेवन करें।

अगर शरीर में अधिक कमजोरी और थकान लगातार रहे तो डाॅक्टर से संपर्क करें।

आयरन:-

हीमोग्लोबिन बनाने में आयरन का अहम रोल होता है। हीमोग्लोबिन की कमी से अनीमिया हो सकता है। प्रतिरोधक तंत्रा को चुस्त रखने व संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।

अपने शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए अंकुरित अनाज, पालक, बींस, चना, मशरूम, ब्रोकली, अनार, काजू, बादाम का सेवन नियमित करें।

जिंक:-

जिंक हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, जख्म भरने और क्षतिग्रस्त डीएनए

को ठीक रखने में सहायता देता है। जिंक की कमी से बाल झड़ने, भूख न लगने, यौन उत्तेजना घटने की शिकायत हो सकती है। जिंक की कमी को हम ब्राउन ब्रेड, बींस, दालें, पनीर, सोयाबीन, काजू, दूध, दही और कद्दू के बीज खाकर पूरी कर सकते हैं।

ओमेगा 3 फैटी एसिड:-

ओमेगा 3 फैटी हमारी याददाश्त और तार्किक क्षमता को दुरुस्त रखता है और तंत्रिका तंत्र की नई कोशिकाओं का विकास करता है। शरीर से फ्री रैडिकल्स को बाहर निकालता है जिससे ह्रदय रोग और कैंसर जैसे रोग दूर रहते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए कम से कम रोज सात अखरोट, एक चम्मच अलसी के बीज खाएं।

क्रिएटिन और कार्नोजीन:-

क्रिएटिन हमारी हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में सहायक है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करने में सहायक है। कार्नोजीन हमारे ब्लड शुगर का स्तर घटाता है जिससे डायबिटिज कंट्रोल में रहती है। अल्जाइमर्स और पार्किंसंस को दूर रखने में मदद करता है।

क्रिएटिन और कार्नोजीन का स्तर शरीर में ठीक बना रहे, इसके लिए मूंगफली, अखरोट,

नारियल, सोयाबीन, मटर, ओट्स, पालक, सरसों, सेब, चावल, राई, मक्का, मशरूम,

केला, नींबू, संतरा, मौसमी, आंवला का नियमित सेवन करें।

इसके अतिरिक्त विटामिन सी युक्त आहार लेना जरूरी है ताकि शाकाहार में मौजूद

आयरन सोखने की क्षमता बढ़ सके। इसके लिए अनार के जूस में नींबू का रस डालकर

पीएं। सलाद में संतरा मिलाकर खाएं। काजू-बादाम का सेवन भी करें।

सुनीता गाबा(स्वास्थ्य दर्पण)

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