आंगन की शोभा है तुलसी

तुलसी के औषधीय गुण
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तुलसी के औषधीय गुणतुलसी के औषधीय गुण
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आपने आंगन में लगे तुलसी के पौधे को तो आपने देखा ही होगा। घरों में आमतौर पर स्त्रियां सुबह उसकी पूजा भी करती हैं। शायद आपको पता न हो कि आपके आंगन में लगा वह छोटा सा पौधा कितना गुणकारी है। तुलसी के पौधे के साथ-साथ वह मिट्टी जहां हम पौधा लगाते हैं, वह भी उतनी ही लाभदायक है। उस मिट्टी के साथ स्नान करने से शरीर की बीमारियां दूर हो जाती हैं।

सामान्यतः हम घरों में तुलसी की पूजा के साथ दिन की शुरूआत करते हैं। यह पौधा मात्रा पूजा में ही नहीं बल्कि दवाई के रूप में भी हमारे बीच प्रचलित है। इस पौधे में बड़ी से बड़ी बीमारियों से निपटने की क्षमता होती है। तुलसी के पत्ते दो आकार में होते हैं। मध्यम आकार वाली पत्तियों को हम देसी तुलसी के नाम से जानते हैं। आइए जानें कि दिखने में छोटी पर गुणों में बड़ी तुलसी के क्या-क्या फायदे हैं:-

तुलसी की पत्तियों का अरक़ अगर हम गर्म करके कान में डालें तो तीव्र से तीव्र दर्द भी तुरंत कम हो जाता है।

अगर आप दूषित पानी की समस्या से ग्रसित हैं तो पानी को उबाल कर उसमें तुलसी की पत्तियों को डाल दें। यह वॉटर प्यूरीफायर का काम करेंगी।

गर्मियों के मौसम में कई बार शरीर पर दाने आदि निकल आते हैं जिससे खुजली होने लगती है। ऐसे में तुलसी की पत्तियों को पानी में उबाल कर उस पानी से नियमित स्नान करेंगे तो आपको खुजली से कुछ दिन में ही आराम मिलेगा।

तुलसी की पत्तियों में रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। अगर हम तुलसी की पत्तियों को नियमित खाएं तो बीमारियां हमारे पास भी नहीं फटकेंगी। यह रक्त को साफ करने में हमारी मदद करती है।

दांत में दर्द होने पर तुलसी की पत्तियों को पीस कर दर्द वाले स्थान पर रख देने से दर्द छूमंतर हो जाएगा।

तुलसी के पत्तों को लेकर दाद वाले स्थान पर रगड़ने से पुराना दाद भी ठीक हो जाता है।

पुरानी पेचिश में तुलसी का सेवन अति उत्तम होता है। तुलसी की पत्तियों को चीनी (शक्कर) के साथ मिला कर खाने से पेचिश में आराम मिलता है।

तुलसी के बीज भी कुछ कम गुणकारी नहीं। इन बीजों का सेवन करते रहने से हाज़मा ठीक रहता है और यह दिल से संबंधित बीमारियों को भी रोकता है।

काली तुलसी के अंदर मलेरिया को जड़ से मिटाने की शक्ति होती है। तरन्नुम अतहर(स्वास्थ्य दर्पण)

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