कामकाजी महिलाएं कैसे बनें सेहतमंद

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घर व बाहर दोहरी जिम्मेदारियां निभाते निभाते अक्सर महिलाएं अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गरदन में दर्द, जोड़ों में दर्द, वजन बढ़ना, पेट संबंधी समस्याएं, लगातार थकान इत्यादि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही तनाव के चलते बालों का गिरना भी उनके लिए आम समस्या बन जाता है। इन समस्याओं से बचाव के लिए जरूरत है थोड़ी सी मेहनत की।

जरूरी है कि आप अपने प्रतिदिन के भोजन में पोषक पदार्थों को सम्मिलित करें। अनेक प्रकार के विटामिनों से भरपूर अंकुरित अनाज आपके लिए किसी टॉनिक से कहीं बेहतर है।

पोषक पदार्थ:- कामकाजी महिलाएं पोषक पदार्थों का सेवन बहुत कम कर पाती हैं क्योंकि समय की कमी के चलते वे ज्यादातर फास्ट फूड ही ग्रहण करती हैं। आहार विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार फास्टफूड के सेवन से व्यक्ति के अंदर पोषक पदार्थों की कमी हो जाती है जिसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं अतः जरूरी है कि आप अपने प्रतिदिन के भोजन में पोषक पदार्थों को सम्मिलित करें। अनेक प्रकार के विटामिनों से भरपूर अंकुरित अनाज आपके लिए किसी टॉनिक से कहीं बेहतर है। आप इसका सेवन विभिन्न प्रकार से कर सकती हैं जैसे फलों के सलाद में मिलाकर, हल्की भाप देकर नींबू व नमक मिर्च मिलाकर, रोटी के साथ खाकर या फिर जैसा भी आप चाहें। वैसे यदि अंकुरित अनाज का सेवन सुबह किया जाए तो बेहतर है। इसके अलावा दो बादाम, एक खुमानी या दो मुनक्कों का सेवन सुबह खाली पेट करें। इसमें विटामिन सी, ई, बी-कॉम्पलेक्स, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, एन्जाइम्स, खनिज पदार्थ व ओमेगा थ्री फैटी ऐसिड भरपूर मात्रा में होते हैं।

तुलसी, लाल बंदगोभी तथा गेहूं के पौधे का जूस पीने से आप सेहतमंद तो बनेंगी ही, साथ ही इनके सेवन से कई बीमारियों को उत्पन्न होने से पूर्व ही रोका जा सकता है।

जड़ी-बूटियां:- जड़ी’बूटियों से तैयार पेय पदार्थों का सेवन आपके अंदर नया उत्साह पैदा करते हैं। साथ ही ये आपको विभिन्न एन्जाइम्स भी प्रदान करते हैं। तुलसी, लाल बंदगोभी तथा गेहूं के पौधे का जूस पीने से आप सेहतमंद तो बनेंगी ही, साथ ही इनके सेवन से कई बीमारियों को उत्पन्न होने से पूर्व ही रोका जा सकता है। तुलसी आपके तनाव को कम करने में सहायक है। लाल बंदगोभी के जूस में पाचनशक्ति बढ़ाने वाले तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं जो अल्सर को उत्पन्न होने से रोकते हैं। आंवले और पेठे का जूस भी आपके लिए बेहतर विकल्प है। आंवले में विटामिन सी पाया जाता है। पेठा शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालता है व पेट को ठंडक प्रदान करता है।

आहार विशेषज्ञों के अनुसार आप दोपहर के भोजन में भूरे चावलों से तैयार इडली, फलों व सब्जियों का सलाद, विभिन्न सब्जियों से तैयार पोहा, गेहूं का दलिया, टमाटर का सूप इत्यादि ले सकती हैं। यह भोजन आपमें ऊर्जा की वृद्धि करेगा ।

भोजन :- आहार विशेषज्ञों के अनुसार आप दोपहर के भोजन में भूरे चावलों से तैयार इडली, फलों व सब्जियों का सलाद, विभिन्न सब्जियों से तैयार पोहा, गेहूं का दलिया, टमाटर का सूप इत्यादि ले सकती हैं। यह भोजन आपमें ऊर्जा की वृद्धि करेगा । रात के खाने में रोटी, दाल, कोई भी एक सब्जी ले सकती हैं परंतु इससे पहले यदि आप खीरे, टमाटर व फूलगोभी का सलाद लें तो यह आपके लिए पोषण का काम करेगा। फूलगोभी को हल्की सी भाप लगवा लें ताकि वह आसानी से पच जाए। सुबह के नाश्ते में दलिया, पोहा, सब्जियों की भरवां रोटी (परांठा नहीं), सब्जियों से तैयार पास्ता, अंकुरित अनाज इत्यादि ले सकती हैं।

शाम को ऑफिस से लौटने के बाद एक लम्बा स्नान आपकी नसों को सकून प्रदान करता है। इसके अलावा आप अपनी दिमाग की नसों को शांत अवस्था में लाने के लिए म्यूजिकथैरेपी का सहारा भी ले सकती हैं।

दिमागी तंदुरुस्ती :- दिमाग को सुकून पहुंचाने के लिए चमेली की चाय, नींबू या पुदीने की चाय का सेवन करें। साथ ही, आप फलों के रस की मसाज भी कर सकती हैं। चंदन नसों को आराम पहुंचाता है, अत: अरोमाथैरेपी भी दिमागी शक्ति को बढ़ाने के लिए अच्छा तरीका है। वैसे चंदनयुक्त तेल भी बाजार में आसानी से प्राप्त हो जाता है आप इससे नहा सकती हैं। शाम को ऑफिस से लौटने के बाद एक लम्बा स्नान आपकी नसों को सकून प्रदान करता है। इसके अलावा आप अपनी दिमाग की नसों को शांत अवस्था में लाने के लिए म्यूजिकथैरेपी का सहारा भी ले सकती हैं। प्राणायाम भी शरीर व दिमाग को आराम पहुंचाने हेतु बेहतर नुस्खा है।

भाषणा गुप्ता(स्वास्थ्य दर्पण)

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