जानिए विज्ञान पर आधारित वो 3 आदतें जो आपका पूरा दिन बदल देंगी

Wakeup
सुबह उठना
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सुबह की नींद खुलने के बाद हमारे दिमाग में क्या चलता है और इसे बेहतर बनाने के सरल तरीके निम्नलिखित हैं :

जागने के तुरंत बाद दिमाग की स्थिति

  • अलार्म बजने के बाद भी हमारा दिमाग तुरंत पूरी तरह चालू नहीं होता।

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के अनुसार, उठने के बाद दिमाग अपने रात भर के कचरे (मेटाबोलिक वेस्ट) को बाहर निकालने और न्यूरल पाथवे को रीसेट करने की प्रक्रिया में होता है।

  • सुबह के शुरुआती पलों में सोचना धीमा होता है, फोकस कमजोर रहता है और याददाश्त पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाती।

फोन का इस्तेमाल करना नुकसानदायक क्यों है?

  • सुबह उठते ही फोन या ईमेल चेक करना एक आम आदत है, लेकिन यह आपके खिलाफ काम करती है।

  • ऐसा करने से आप अपने दिमाग के पूरी तरह ऑनलाइन होने से पहले ही अपना ध्यान दूसरों की प्राथमिकताओं को सौंप देते हैं।

  • व्यस्त लोगों और फाउंडर्स के लिए यह गलती एक बड़ी प्रतिस्पर्धी बढ़त गंवाने जैसी है।

सुबह के समय के बारे में विज्ञान क्या कहता है ?

  • हमारा शरीर 24 घंटे की आंतरिक घड़ी (सर्केडियन रिदम) पर चलता है, जो नींद के अलावा हमारे मूड, फोकस और फैसलों को भी तय करती है।

  • तोहोकू यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक, सुबह का समय सीखने, नई चीजें अपनाने और गहरे विचारों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय कोर्टिसोल हॉर्मोन प्राकृतिक रूप से बढ़ता है जो फोकस तेज करता है।

  • अगर आप सुबह का यह सबसे तेज और ऊर्जावान घंटा केवल ईमेल पढ़ने में गंवा देते हैं, तो आप अपना कीमती समय दूसरों के नाम कर रहे हैं।

विज्ञान द्वारा प्रमाणित तीन असरदार आदतें

  • जल्द रोशनी लें : उठने के 30 मिनट के भीतर थोड़ी देर प्राकृतिक धूप में जाएं। इससे मेलाटोनिन (नींद वाला हॉर्मोन) कम होता है और दिमाग तरोताजा हो जाता है।

  • स्क्रॉल करने से पहले थोड़ी हलचल करें : सिर्फ 10 मिनट टहलने, स्ट्रेचिंग करने या योग करने से भी शुरुआती फोकस और याददाश्त मजबूत होती है।

  • अपने पहले घंटे को सुरक्षित रखें : सुबह के समय मिलने वाली मानसिक स्पष्टता को सोशल मीडिया या मैसेज के चक्कर में बर्बाद न होने दें।

एक बेहतरीन सुबह की दिनचर्या कैसे बनाएं ?

  • सफल सुबह के लिए किसी जटिल रूटीन की जरूरत नहीं होती, बल्कि निरंतरता (कंसिस्टेंसी) सबसे ज्यादा मायने रखती है।

  • धूप में बैठना, थोड़ा हिलना-डुलना या अपने पहले घंटे की रक्षा करना-इनमें से कोई भी एक या दो आदतें चुनें और उन्हें हर रोज एक ही क्रम में दोहराएं।

  • जब आप ऐसा लगातार करते हैं, तो दिमाग इस प्रक्रिया को खुद-ब-खुद याद रख लेता है जिससे फैसले लेने की थकान कम होती है और मानसिक ऊर्जा बचती है।

    ध्यान रखें, आपकी सुबह सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे दिन की मजबूत नींव है।

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