मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाईपास ने लॉन्च किया मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट
मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मानव शरीर की सबसे जटिल संरचनाओं में से एक, स्कल बेस वह क्षेत्र है जहां ब्रेन, कान, आंखें, प्रमुख ब्लड वेसल्स और महत्वपूर्ण नर्व्स आपस में मिलते हैं। इस नाजुक हिस्से को प्रभावित करने वाली बीमारियों के इलाज के लिए अक्सर सिंगल-स्पेशलिटी अप्रोच पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ईएनटी स्पेशलिस्ट, न्यूरोसर्जन और ऑन्कोलॉजिकल सर्जन की संयुक्त एक्सपर्टीज के साथ एडवांस्ड सर्जिकल तकनीकों और ट्रीटमेंट प्लानिंग की आवश्यकता होती है। इसी इंटीग्रेटेड केयर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए, मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप की इकाई मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाईपास ने मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। पूर्वी भारत में अपनी तरह का यह पहला संस्थान जटिल स्कल बेस कंडीशंस और हियरिंग डिसऑर्डर्स के व्यापक प्रबंधन के लिए समर्पित है। यह इंस्टीट्यूट कई स्पेशलिटीज और एडवांस्ड सर्जिकल एक्सपर्टीज को एक ही छत के नीचे लाता है, जिससे मरीजों को डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट, सर्जरी, रिहैबिलिटेशन और लॉन्ग टर्म फॉलोअप तक कोऑर्डिनेटेड केयर उपलब्ध होगी।इस इंस्टीट्यूट का शुभारंभ मणिपाल हॉस्पिटल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बेंगलुरु के ईएनटी, हेड एंड नेक सर्जन एवं कॉक्लियर इम्प्लांटोलॉजिस्ट व स्कल बेस सर्जरी के प्रोग्राम लीड प्रो. (डॉ.) संपत चंद्र प्रसाद राव की उपस्थिति में हुआ। इस लॉन्च कार्यक्रम में मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट के ईएनटी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी डॉ. सौविक रॉय चौधरी, ईएनटी एवं कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जन डॉ. अमिताभ रॉय, न्यूरोसर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. हर्ष जैन और हेड एंड नेक सर्जिकल ऑनकॉलजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी डॉ. हर्ष धर उपस्थित थे।
स्कल बेस एक जटिल एनाटॉमिकल रीजन है, जहां ब्रेन का कनेक्शन सिर और गर्दन की महत्वपूर्ण संरचनाओं जिनमें प्रमुख नर्व्स और ब्लड वेसल्स शामिल हैं, से होता है। इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाली बीमारियां, जैसे ट्यूमर, लीजन्स और अन्य जटिल डिसऑर्डर्स, अनोखी सर्जिकल चुनौतियां पेश करती हैं और अक्सर कई स्पेशलिटीज़ के बीच निकट समन्वय की मांग करती हैं। पूर्वी भारत का यह पहला समर्पित संस्थान, मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट, ईएनटी, न्यूरोसर्जरी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर जटिल स्कल बेस कंडीशंस के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार करता है, जिसमें एंडोस्कोपिक और ओपन अप्रोच वाली एडवांस्ड स्कल बेस सर्जरीज़, स्कल बेस ट्यूमर, जटिल कान एवं हियरिंग डिसऑर्डर्स तथा कॉक्लियर इम्प्लांटेशन पर विशेष फोकस रहेगा। इंस्टीट्यूट की एक खास पेशकश के तहत, गंभीर से प्रोफाउंड हियरिंग लॉस से पीड़ित उन मरीजों के लिए व्यापक कॉक्लियर इम्प्लांट केयर उपलब्ध कराई जाएगी, जिन्हें पारंपरिक हियरिंग एड्स से पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। इस प्रोग्राम में हियरिंग असेसमेंट, प्री-ऑपरेटिव इवैल्यूएशन से लेकर इम्प्लांट सर्जरी, डिवाइस एक्टिवेशन, ऑडिटरी रिहैबिलिटेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव फॉलो-अप तक पूरी केयर प्रक्रिया शामिल होगी। बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान के साथ, यह अप्रोच बच्चों में स्पीच, लैंग्वेज और लर्निंग को सपोर्ट करने तथा वयस्कों में सुनने की क्षमता, कम्युनिकेशन और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इन विशेषीकृत विभागों और सेवाओं को एक साथ लाकर, इंस्टीट्यूट का उद्देश्य जटिल स्कल बेस और हियरिंग संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए सामूहिक डायग्नोसिस, सटीक ट्रीटमेंट प्लानिंग और व्यापक, समन्वित देखभाल को सुगम बनाना है।इस लॉन्च के मौके पर बोलते हुए, प्रो. (डॉ.) संपत चंद्र प्रसाद राव ने कहा, ''हमने मणिपाल हॉस्पिटल, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बेंगलुरु में करीब डेढ़ दशक पहले स्कल बेस सर्जरी प्रोग्राम की शुरुआत की थी। हॉस्पिटल ग्रुप के अन्य सेंटर्स में इस प्रोग्राम को बढ़ते देखना हमारे लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है। मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाईपास, कोलकाता में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्कल बेस सर्जरी के शुभारंभ के साथ, जो पूर्वी भारत का ऐसा पहला सेंटर है, अब जटिल स्कल बेस कंडीशंस से जूझ रहे मरीज महानगरों की यात्रा किए बिना अपने घर के करीब ही एडवांस्ड, विशेषीकृत केयर प्राप्त कर सकेंगे। यह देखकर बेहद संतोष होता है कि मेरे सहयोगी और छात्र इस एक्सपर्टीज़ को आगे बढ़ा रहे हैं और स्थानीय समुदाय की सेवा कर रहे हैं। मैं इस पहल से जुड़कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं और मणिपाल हॉस्पिटल, कोलकाता के स्कल बेस सर्जरी प्रोग्राम का मार्गदर्शन करने पर गर्व महसूस कर रहा हूं।''इस अवसर पर डॉ. सौविक रॉय चौधरी ने कहा, ''स्कल बेस डिसऑर्डर्स अक्सर कान, नाक, गले और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम के इंटरसेक्शन पर होते हैं, जिससे इनका डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट विशेष रूप से जटिल हो जाता है। एडवांस्ड एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं से लेकर जटिल कान और हियरिंग डिसऑर्डर्स तक, इन कंडीशंस के प्रबंधन में ईएनटी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट ऐसे मामलों का व्यापक मूल्यांकन करने और सबसे उपयुक्त ट्रीटमेंट पाथवे तय करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता को एक साथ लाता है। इससे एडवांस्ड ईएनटी और स्कल बेस केयर तक पहुंच मजबूत होगी, साथ ही मरीजों को विभिन्न स्पेशलिटीज़ के बीच समन्वित निर्णय लेने का लाभ भी मिलेगा।''डॉ. अमिताभ रॉय ने कहा, ''लेटरल स्कल बेस सर्जरी में हियरिंग, बैलेंस और फेशियल मूवमेंट को नियंत्रित करने वाली महत्वपूर्ण संरचनाओं के बेहद निकट ऑपरेट करना पड़ता है, इसलिए सटीकता और मल्टीडिसिप्लिनरी प्लानिंग अत्यंत आवश्यक है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट एडवांस्ड लेटरल स्कल बेस सर्जरी को व्यापक हियरिंग केयर और इम्प्लांटोलॉजी जहां जरूरी हो वहां कॉक्लियर इम्प्लांट्स सहित के साथ एकीकृत करेगा। यह इंटीग्रेटेड अप्रोच हमें जटिल बीमारी और मरीज की फंक्शनल हियरिंग जरूरतों, दोनों को पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट और रिहैबिलिटेशन के माध्यम से संबोधित करने में मदद करेगा।''डॉ. हर्ष जैन ने कहा, ''ब्रेन, प्रमुख ब्लड वेसल्स और महत्वपूर्ण क्रेनियल नर्व्स के निकट होने के कारण स्कल बेस न्यूरोसर्जरी के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। इसलिए जटिल स्कल बेस सर्जरी के लिए सूक्ष्म प्लानिंग और न्यूरोसर्जरी तथा ईएनटी के बीच घनिष्ठ सहयोग जरूरी होता है, साथ ही जहां आवश्यक हो वहां अन्य स्पेशलिटीज़ का सहयोग भी लिया जाता है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट इस सहयोग के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जिससे हम जटिल मामलों को सामूहिक रूप से देख सकते हैं, अधिक सटीकता के साथ इंटरवेंशन की योजना बना सकते हैं और मरीजों को एक ही स्थान पर एडवांस्ड स्कल बेस सर्जिकल एक्सपर्टीज़ उपलब्ध करा सकते हैं।''डॉ. हर्ष धर ने जोड़ा, ''स्कल बेस ट्यूमर विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि इनकी लोकेशन और फैलाव कई महत्वपूर्ण एनाटॉमिकल संरचनाओं को प्रभावित कर सकता है, और कुछ मामलों में सर्जिकल तथा ऑन्कोलॉजिकल एक्सपर्टीज़ के संयोजन की आवश्यकता होती है। मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच हमें ट्यूमर का विभिन्न क्लिनिकल नजरियों से आकलन करने और प्रत्येक मरीज के अनुरूप एक इंटीग्रेटेड ट्रीटमेंट स्ट्रैटेजी विकसित करने में सक्षम बनाता है। मणिपाल स्कल बेस इंस्टीट्यूट इस सहयोगात्मक मॉडल को और मजबूत करेगा, जिससे ईएनटी, न्यूरोसर्जरी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जटिल स्कल बेस तथा हेड एंड नेक ट्यूमर के प्रबंधन में और करीब से मिलकर काम कर सकेंगे।''

