ब्रेकफास्ट, पूरी नींद, नियमित व्यायाम और हेल्दी डाइट से ही मिलेगा अच्छा स्वास्थ्य

मोटापा, डायबिटीज, हाईपरटेंशन और हड्डियों की कमज़ोरी से दूरी रखने के लिए जंक फूड कम करें, प्रोटीन व फाइबरयुक्त नाश्ता लें, कैल्शियम-विटामिन डी बढ़ाएं और रोज़ाना शारीरिक गतिविधि करें
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वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक लाइफ स्टाइल से जुड़ी समस्याएं इतनी अधिक रिस्की हैं जितनी इंफेक्शन से होने वाली बीमारियों की नहीं हैं। लाइफ स्टाइल में प्रमुखतः मोटापा, डायबिटीज, हाईपरटेंशन, आस्टियोपोरोसिस, स्लीप डिस्आर्डर, हार्टअटैक जैसी समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। इन समस्याओं से बचना है तो अपना लाइफस्टाइल सुधारें। तभी हम इन समस्याओं पर काबू पर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग या बच्चे ब्रेकफास्ट नहीं लेते, उनमें मेंटल, शारीरिक और बिहेवियर से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं। प्रोटीनयुक्त,रेशेदार और लो फैट ब्रेकफास्ट लेने से दिन भर हमारे शरीर और दिमाग का संतुलन सही बना रहता है।

ब्रेकफास्ट को न करें स्किप

एक्सपर्ट्स की मानें तो ब्रेकफास्ट लेना बहुत आवश्यक है। अगर हम बिना ब्रेकफास्ट लिए काम करना शुरू कर देते हैं तो एनर्जी लेवल बहुत जल्दी कम हो जाता है, इसलिए एनर्जी मेनटेन करने हेतु ब्रेकफास्ट लेना आवश्यक है। एक साथ ज्यादा खाने से फैट्स बढ़ते हैं। अगर हम थोड़ा-थोड़ा कर कई बार खाएं तो कैलरीज उतनी ही मिलेगी पर एनर्जी सारा दिन बनी रहेगी ।

विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग या बच्चे ब्रेकफास्ट नहीं लेते, उनमें मेंटल, शारीरिक और बिहेवियर से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं। प्रोटीनयुक्त,रेशेदार और लो फैट ब्रेकफास्ट लेने से दिन भर हमारे शरीर और दिमाग का संतुलन सही बना रहता है।

इस ब्रेकफास्ट को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं । प्रोटीन के लिए लो फैट दुग्ध और दुग्ध उत्पाद चीज, नट्स लिए जा सकते हैं। फाइबर हेतु फ्रूट्स, दलिया, ओट्स, स्प्राउट्स का सेवन करें।

डाक्टरों के अनुसार अच्छी नींद, अच्छी डाइट और मानसिक संतुलन सही होने से आती है। मानसिक रूप से रिलेक्स होकर सोएं।

नींद लें पूरी

नींद पूरी न होने से शरीर का स्टेमिना कम हो जाता है और हॉर्ट की प्राब्लम बढ़ सकती हैं। ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। डाॅक्टरों के अनुसार अच्छी नींद, अच्छी डाइट और मानसिक संतुलन सही होने से आती है। मानसिक रूप से रिलेक्स होकर सोएं। मोबाइल को साइलेंट पर कर दें। गर्मियों में सोने में थोड़ी देर पहले स्नान लें, सर्दियों में या थकान अधिक होने पर पैरों को गर्म पानी में थोड़ी देर रखें। मौसम अनुकूल रात्रि वस्त्र पहनें। खाना समय पर खाएं। रात्रि में ड्रिंक्स का सेवन न करें। अपना ब्लडप्रेशर चैक करवाते रहें। फ्रूट्स, नट्स, सलाद का सेवन अवश्य करें। अगर रहना है चंगा तो नींद से न लें पंगा ।

शारीरिक एक्टिविटी का होना बहुत जरूरी है। सप्ताह में 5 दिन व्यायाम के लिए समय अवश्य निकालें। हल्के फुल्के आसन, स्ट्रेचिंग, पैदल चलना, प्राणायाम इन्हें अपने लाइफस्टाइल का अंग बनाएं।

व्यायाम को न करें इग्नोर

हर समय मोबाइल और कंप्यूटर से जुड़े लोगों का लाइफस्टाइल आराम पसंद हो जाता है जो न तो शरीर से और न मन से चंगा रहने के लिए अच्छा है। शारीरिक एक्टिविटी का होना बहुत जरूरी है। सप्ताह में 5 दिन व्यायाम के लिए समय अवश्य निकालें। हल्के फुल्के आसन, स्ट्रेचिंग, पैदल चलना, प्राणायाम इन्हें अपने लाइफस्टाइल का अंग बनाएं। 30-40 मिनट का व्यायाम दिन भर की चुस्ती हेतु सही है। अगर आपकी जिंदगी स्ट्रेसफुल है तो मेडिटेशन और योग का सहारा लें।

अनदेखी न करें हड्डियों की

विशेषज्ञों के अनुसार 30 साल की उम्र के बाद शरीर का कैल्शियम लेवल कम होने लगता है। 30 साल की उम्र से ही डाॅक्टर के परामर्श अनुसार कैल्शियम का इनटेक डाइट में बढ़ा देना चाहिए। कैल्शियम की कमी का सीधा प्रभाव बोन डेंसिटी पर पड़ता है। हड्डियों के सही विकास हेतु विटामिन डी का सही लेवल जांच करवाते रहना चाहिए।

दिल्ली और आसपास के राज्यों में तो गर्मी साल के आठ महीने तक रहती है। अगर वहां के निवासी प्रतिदिन आधे घंटे से 40 मिनट तक सैर करें तो उन्हें विटामिन डी की कमी नहीं होगी । बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि बचपन से उन्हें विटामिन डी सही मात्रा में मिलता रहे ।

कैल्शियम की कमी हम दूध और दूध उत्पादों से पूरी कर सकते हैं और ब्रोकली, पत्तागोभी, सूखे मेवे, बींस, ओटमील, फ्रेश-फ्रूटस,वेजीटेबल्स का सेवन कर विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है। ये सब खाद्य पदार्थ हमारे जोड़ों को सही तरह से काम करने में सहायता करते हैं।

कैल्शियम की कमी हम दूध और दूध उत्पादों से पूरी कर सकते हैं और ब्रोकली, पत्तागोभी, सूखे मेवे, बींस, ओटमील, फ्रेश-फ्रूटस,वेजीटेबल्स का सेवन कर विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है। ये सब खाद्य पदार्थ हमारे जोड़ों को सही तरह से काम करने में सहायता करते हैं।

जंक फूड को मेन फूड न बनाएं

बहुत से लोग जंक फूड को ही अपना मुख्य आहार बना लेते हैं जो हमारी सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं। कभी कभी जंक फूड लेना तो ठीक है पर अक्सर इसका सेवन न करें। और जब भी जंक फूड खाएं , बेहतर होगा उसे पहले हेल्दी बना लें। पिज्जा बनाते समय सब्जियां अधिक और चीज का प्रयोग कम करें। नूडल्स, पास्ता बनाते समय भी सब्जियां अधिक डालें।

  • बर्गर में खाली आलू की टिक्की न डालकर उसमें खूब सारी सब्जियां भी मसल कर डालें। टिक्की को फुल फ्राई न कर नानस्टिक पर हल्का सा तेल लगाकर बनाएं और बर्गर में सब्जियों वाली टिक्की के अतिरिक्त दो तीन तह सब्जियों की रखें जैसे प्याज , टमाटर, खीरा, बंदगोभी आदि। स्नैक्स में फैटलेस नमकीन में प्याज, टमाटर, धनिया, खीरा, उबला आलू मिलाककर चाट बना कर खाएं। इससे नमकीन की मात्रा सीमित हो जाएगी। इसी प्रकार स्प्राउट्स में भी प्याज, टमाटर, खीरा, उबला आलू, फ्रूट्स मिलाकर खा सकते हैं। चाहें तो थोड़े बादाम काटकर, किशमिश मिलाकर भी लें सकते हैं।

    नीतू गुप्ता(स्वास्थ्य दर्पण)

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