

भोजन का हमारे शरीर के साथ सीधा संबंध है। जो हम खाते हैं शरीर पर उसका प्रभाव वैसा ही पड़ता है। अधिक चर्बीयुक्त भोजन और अधिक नमक हमारे हृदय पर प्रभाव डालते हैं। अधिक रूप से कुछ भी खाया जाए जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, क्षार, विटामिन्स आदि हमारे स्वास्थ्य को खराब करने में मददगार होते हैं।
खूब मसालेदार चटपटा और मीठा भी हृदय के लिए नुकसानदायक होता है। सादा और संतुलित आहार ही हमारे शरीर और हृदय को स्वस्थ रख सकता है। हृदय रोगी को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए और जो लोग चाहते हैं कि उनका हृदय स्वस्थ रहे तो उन्हें भी अपने खानपान की आदतों को बदलना होगा।
हृदय रोगियों को भोजन थोड़ा-थोड़ा करके खाना चाहिए। भोजन के बीच का अन्तराल कम रखें। हृदय रोगियों को रात्रि का भोजन जल्दी खा लेना चाहिए। भोजन शाकाहारी ही लें। दही का प्रतिदिन सेवन लाभदायक होता है। भोजन में लहसुन और नींबू का प्रयोग अच्छा होता है। हृदय रोगियों को मलाई रहित दूध और दही लेना चाहिए।
हृदय रोगियों के लिए धूम्रपान नुकसानदायक है, इसलिए हृदय रोगी बीड़ी, सिगरेट से परहेज़ करें। हृदय रोगियों को अपना वज़न नियंत्रण में रखना चाहिए। उन्हें अपनी आयु और लंबाई के अनुसार निश्चित वज़न पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
हृदय रोगियों को तेल में बना भोजन कम से कम खाना चाहिए। प्रयास करें कि सब्जियां सेंक कर, उबाल कर या भूनकर खाएं या फिर बहुत कम तेल का प्रयोग करें।
कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा हृदय को बहुत नुकसान पहुंचाती है। अपने खून की जांच हर तीन माह बाद करवाते रहें। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखने के लिए लहसुन और प्याज़ का सेवन अधिक करें और व्यायाम या सैर नियमित करें।
हृदय रोगियों को सुबह शाम साफ सपाट रास्ते पर लंबी सैर करनी चाहिए। व्यायाम ऐसे करें जिनसे थकान महसूस न हो।
भोजन में ताजे फल टमाटर, सब्जियों के सूप, उबले हुए आलू, सूखी चपाती, मलाई रहित दूध, दही का सेवन नियमित करें।
हृदय रोगियों को घी, मलाईयुक्त दूध, चॉकलेट, पनीर, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री, मिठाई, जैम, शर्बत, मांस और तले हुए भोजन से परहेज़ करना चाहिए।
वैसे तो संतुलित भोजन रोगियों और स्वस्थ दोनों लोगों के लिए ज़रूरी है इसलिए आज से ही शुरू कर दें संतुलित आहार लेना। ध्यान रखें भोजन में रेशेदार आहार को स्थान अवश्य दें।
(स्वास्थ्य दर्पण)सुनीता गाबा