सावधान रहें सुबह की इन गलतियों से

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सावधान रहे सुबह की इन गलतियों से
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अगर दिन की शुरुआत अच्छी हो तो सारा दिन अच्छा गुजरता है पर सुबह ही थकान और मन उदास हो तो सारा दिन न तो काम में दिल लगता है और न ही काम खत्म होता है। मन बुझा बुझा सा रहता है। अक्सर हम कुछ ऐसी गलतियां उठते ही करते हैं जो जानबूझकर नहीं, अनजाने में हो जाती हैं। उनका प्रभाव हमारी सेहत पर कुछ समय बाद दिखना शुरू हो जाता है। अगर हम उन गलतियों को लगातार नजरअंदाज करते रहेंगे तो परिणाम बुरा हो सकता है। आइए देखें क्या गलतियां हम करते हैं।

देरी से झटके से उठना और काम में लगना-

अक्सर हम प्रातः समय पर नहीं उठ पाते। अलार्म बजने के भी पंद्रह से तीस मिनट बाद उठते हैं। समय देखते हैं और हड़बड़ाहट से उठकर एकदम काम में लग जाते हैं। हड़बहाहट में काम ठीक नहीं होता और समझ नहीं आता कि पहले क्या करें और तनाव भी बना रहता है जिसका सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। दिन की शुरुआत अगर शांत स्वभाव से करें तो सारा काम आराम से बिना तनाव और हड़बड़ाहट के होता चला जाता है। इसके लिए प्रातः दो या तीन अलार्म कुछ गैप में लगाएं और लास्ट अलार्म पर दाईं करवट लेकर उठें, बिस्तर पर दो चार पांच मिनट बैठें, थोड़ा पानी पीएं। चेहरे पर मुस्कान लाएं और भगवान का धन्यवाद करें जिनकी बदौलत आप नए प्रातःकाल का मुंह देख रहे हैं। फिर बिस्तर से उठकर शौच आदि जाएं।

प्रातः उठते ही थोड़ी सी स्ट्रेचिंग करें -

जब हम रात्रि में सोते हैं तो शरीर शिथिल अवस्था में होता है और सारी मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। अगर हम उठते ही कामों में लग जाएं तो शरीर अपनी सही अवस्था में आए बिना उतना चुस्त नहीं होता। अगर हम चार पांच बार बाजुओं को स्ट्रेच कर लें और कमर भी सीधी कर लें तो शरीर में चुस्ती का संचार हो जाएगा और दिन भर हम स्फूर्तिवान बने रहेंगे।

उठते ही चाय न पीएं -

बहुत से लोगों को प्रातः उठते ही बेड टी पीने की आदत होती है जो शरीर को नुकसान पहुंचाती है। खाली पेट चाय कभी न पिएं। प्रातः की शुरूआत एक गिलास नींबू पानी से करें। इससे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता में भी बढ़ावा होता है। अगर चाय पीनी है तो नींबू पानी पीने के एक घंटे बाद ग्रीन टी पीएं।

उठते ही मोबाइल का प्रयोग करना-

बहुत से लोगों की आदत होती है कि उठते ही फोन उठाते हैं और अपनी ईमेल, मैसेज चैक करना शुरू कर देते हैं जो आपको तनाव दे सकते हैं। प्रातः काल के तनाव का अर्थ है दिन भर का तनाव। इसलिए उठते ही मोबाइल पर इन्हें चेक न करें ।

नाश्ता अवश्य करें-

प्रातः का नाश्ता न करना हमारे शरीर में तनाव को बढ़ाता है जिससे मोटापा, मधुमेह जैसे रोग उत्पन्न होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। इसका कारण है रात्रि के भोजन के बाद अगर प्रातः का नाश्ता न किया जाए तो दोपहर तक समय का काफी अंतराल होने के कारण शुगर का स्तर कम हो जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदेह होता है। उठने के एक घंटे के अंदर कुछ न कुछ अवश्य लें ताकि शरीर में ऊर्जा का संचार बना रहे। भीगे बादाम, चाय बिस्किट, फल, ब्रेड, चाय ले सकते हैं।

मुस्कुराते हुए उठें-

मुस्कुराने में कभी भी कंजूसी न करें, विशेषकर प्रातः अपने अधरों पर मुस्कान लाएं ताकि दिन भर आप मुस्कुराते रहें। बहुत से लोग लाफ्टर क्लब के मेंबर होते हैं जहां वे खुलकर हंसते हैं। हंसने से हमारे तनाव दूर होते हैं, हार्ट बीट सामान्य बनी रहती है, बीपी पर नियंत्राण रहता है, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इतना कुछ पाने के लिए थोड़ी सी मुस्कुराहट की जरूरत होती है।

करें व्यायाम नियमित-

स्वयं को फिट रखने हेतु व्यायाम चार मुख्य स्तंभों में से एक है। चार स्तंभ हैं पौष्टिक आहार, सकारात्मक सोच, व्यायाम और आराम। एक भी स्तंभ को हम नजरअंदाज करेंगे तो हमारे स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ेगा जो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाएगा। सैर, जॉगिंग, योग, प्राणायाम या कोई अन्य व्यायाम आधे घंटे के लिए प्रतिदिन अवश्य करें।

इन्हें भी अपनी दिनचर्या में स्थान दें।

अगले दिन की योजना बनाएं-

प्रातः उठकर क्या बनाना है, टिफिन में क्या ले जाना है, पहले किन कार्यों को निपटाना है, इसकी योजना एक दिन पूर्व बना लें ताकि प्रातःकाल योजनाअनुसार अपने काम निपटा सकें। हो सके तो सब्जी काटकर और मसाले की तैयारी रात्रि में कर लें तोभागमभाग कम होगी।आजकल भागदौड़ की जिंदगी में समय बहुत नपा तुला होता है। अगर हम उसका सदुपयोग योजनाबद्ध तरीके से करें तो सुबह की झुंझलाहट से बचा जा सकता है। झुंझलाहट से दिल पर असर पड़ता है क्योंकि दबाव दिल और दिमाग पर पड़ता है। रात्रि में ही प्रातः क्या पहनना है, निकाल कर रख दें तो आप शांत स्वभाव से सभी काम बिना किसी तनाव के निपटा सकते हैं।

कुछ और भी आजमाएं-

प्रातः आईने के सामने खड़े होकर नई सुबह का स्वागत मुस्कुराते हुए करें ताकि मुस्कान दिन भर आपके साथ रहे। भगवान को धन्यवाद करना न भूलें कि उन्होंने आपको आज का दिन और देखने का मौका दिया। अगले दिन समयानुसार आपका काम नहीं निपट रहा तो तनावग्रस्त न हों। तनाव और कामों को भी बिगाड़ेगा। अपनी मेहनत और दिल से काम निपटाते जाएं। संयम और शांति, इन दो हथियारों पर नियंत्राण रखें ताकि काम पर अपना पूरा ध्यान दे सकें।

(स्वास्थ्य दर्पण)

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