

तनाव व चिंता से दूर रहने का प्रयत्न करें।
खुद को व्यस्त रखें क्योंकि व्यस्त रहकर ही चिंता व तनाव से दूर रहा जा सकता है।
अपनी रुचियों को विकसित करें।
दिनभर की भागदौड़ में से कुछ समय मनोरंजन के लिए निकालें।
क्रोध को नियंत्रण में रखें। क्रोध कई बीमारियों का जन्मदाता है।
यदि कभी क्रोध आ भी जाय तो दबाने के बजाय उसे बाहर निकाल दें।
भोजन में अधिक नमक का प्रयोग न करें। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है और दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है।
चोकरयुक्त आटे व दाल आदि को भोजन में सम्मिलित करें। ये रक्त में कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं।
नियमित व्यायाम करें।
वसायुक्त पदार्थों का सेवन कम से कम करें।
वजन को नियंत्रित रखें। मोटापे से दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है।
हर समय प्रसन्न रहने का प्रयास करें। प्रसन्नता हर बीमारी की दवा है।
(स्वास्थ्य दर्पण) मीना जैन छाबड़ा