

मीना अक्सर ही कमरदर्द व गर्दन दर्द की शिकायत करती लेकिन एक पेनकिलर लेने के बाद अपने काम में वापिस खो जाती लेकिन एक दिन ऐसा आया कि कमर दर्द के कारण बिस्तर से ही नहीं उठ पाई। डॉक्टर के पास जाने पर उसने बताया कि आठ से नौ घंटे तक कम्प्यूटर पर काम करती है और घर आकर फिर घर के कामकाज में व्यस्त हो जाती हैं जिसके चलते उसे अपने लिए वक्त ही नहीं मिलता।
तभी डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी कि मैडम, कामकाजी होना आज जरूरी हो गया है लेकिन इनके साथ-साथ आपको अपनी तरफ भी ध्यान देना चाहिए। जब भी कम्प्यूटर पर काम करें, आपको निम्न निर्देशों का पालना करना चाहिए-
कम्प्यूटर तथा मोनिटर को सही ऊंचाई पर रखना चाहिए।
कम्प्यूटर की स्क्रीन सही आपको आंखों के सामने होनी चाहिए।
काम करते समय प्रत्येक 30 मिनट के बाद 30 सेंकड का ब्रेक लेना चाहिए।
काम करते पीठ को हमेशा सीधा रखने की कोशिश करनी चाहिए न कि कूबड़ निकाल कर बैठना चाहिए।
समय-समय पर थोड़ा सा टहल लेना चाहिए।
अपनी कुर्सी की सीट पर ही पैरों को समय रहते हिलाते रहना चाहिए।
कुछ अंतराल पर गर्दन को दाएं से बाएं व बाएं से दाएं घुमा लेना चाहिए।(उर्वशी)
ललिता वर्मा