

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : HCG कैंसर हॉस्पिटल में डॉक्टरों की एक टीम ने 62 साल के एक मरीज का, जिसे स्टेज T2 पेनाइल कैंसर था, अंग बचाने वाली सर्जरी और रोबोट की मदद से लिम्फ नोड हटाने की सर्जरी (रोबोटिक-असिस्टेड लिम्फ नोड डिसेक्शन) के जरिए सफलतापूर्वक इलाज किया। इस प्रक्रिया का नेतृत्व HCG कैंसर हॉस्पिटल, कोलकाता में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक्स के HOD और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गौरव अग्रवाल ने किया। मरीज लगभग एक साल से बन रही एक गांठ को देखने के बाद हॉस्पिटल आया था। मरीज बाकी मामलों में पूरी तरह से स्वस्थ और सक्रिय था, उसका ECOG (ईस्टर्न कोऑपरेटिव ऑन्कोलॉजी ग्रुप) परफॉर्मेंस स्टेटस 1 था। मरीज को स्टेज T2 पेनाइल कैंसर की पुष्टि हुई, जिससे यह पता चला कि ट्यूमर 'कॉर्पस स्पंजियोसम' (corpus spongiosum) तक फैल चुका था। इस बीमारी का इलाज करने के लिए सर्जनों ने सबसे पहले 'पार्शियल पेनेक्टॉमी' (partial penectomy) नामक सर्जरी की। अंग को बचाने वाला यह तरीका ट्यूमर को प्रभावी ढंग से हटाने के साथ लिंग के ज्यादा से ज्यादा कार्यों को भी सुरक्षित रखने में मदद करता है। इस बारे में डॉ. गौरव अग्रवाल ने कहा कि पेनाइल कैंसर, हालांकि काफी दुर्लभ है, लेकिन यह किसी मरीज की शारीरिक और भावनात्मक सेहत पर काफी असर डाल सकता है।