

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बाहर की प्रदूषित हवा को लेकर हम अक्सर चिंतित रहते हैं, लेकिन असल खतरा हमारे अपने घर के भीतर भी मौजूद हो सकता है। पूजा घर हो, रसोई हो या गैराज, इन जगहों की गहरी सफाई कुछ महीनों में एक बार जरूर करनी चाहिए, क्योंकि हम अपना ज्यादातर समय यहीं बिताते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, घर के भीतर मौजूद इन अदृश्य प्रदूषकों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।
रसोई का धुआं
नारायणा हॉस्पिटल, हावड़ा के थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉ. मनुजेश बंद्योपाध्याय ने बताया कि खाना पकाते समय, खासकर तलते समय या तेज आंच पर पकाते समय, रसोई में हवा का आना-जाना बना रहना चाहिए। चाहे आप गैस पर खाना बनाएं या इंडक्शन पर, खिड़की खुली रखें ताकि धुआं कमरे में जमा न हो, क्योंकि सांस के जरिए यह शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ज्यादातर रसोइयों में एग्जास्ट फैन या चिमनी लगी होती है। खाना बनाते समय, खासकर तलने या तेज आंच वाले पकवानों के दौरान इनका इस्तेमाल जरूर करें। साथ ही, कालिख जमा होने से रोकने के लिए हर छह महीने में एक बार रसोई के कोनों की गहरी सफाई करवाना न भूलें।
मच्छर भगाने वाली कॉइल और अगरबत्ती
ज़्यादातर भारतीय घरों में मच्छर भगाने वाली कॉइल और अगरबत्ती का इस्तेमाल आम बात है, पूजा के दौरान हो, आदतन हो या फिर कीड़े-मकोड़ों को दूर रखने के लिए। इनसे निकलने वाले सूक्ष्म कणों के लंबे और भारी संपर्क में रहने से समय के साथ कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि इनका इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया जाए। बस इतना ध्यान रखें कि इनका उपयोग हवादार जगह पर हो, ताकि धुआं सांस के जरिए शरीर में न जाए।
घर में रेडॉन गैस
एक और खामोश खतरा है रेडॉन गैस, जो बेसमेंट की दरारों या इमारत की नींव में मौजूद दरारों, जैसे कंक्रीट की दीवारों, फर्श, निर्माण जोड़ों, फ्लोर ड्रेन और पाइप के आसपास के गैप से रिसकर घर के भीतर पहुंच सकती है। रेडॉन एक शक्तिशाली कार्सिनोजन है और लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। यह धूम्रपान करने वालों और न करने वालों, दोनों के लिए समान रूप से घातक है।
हर आठ से दस साल में घर की संरचनात्मक जांच करवाएं और जहां भी जरूरत हो, वहां मरम्मत करवाएं। आपका घर आपकी सुरक्षित जगह होनी चाहिए, न कि ऐसी जगह जिसकी बुनियाद ही आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाए।
छोटे बदलाव, कम जोखिम
घर की उन चीजों को हटाने की जरूरत नहीं, जिनसे आपको लगाव है। बस खाना बनाते समय खिड़की खुली रखना, एग्ज़ॉस्ट फैन चालू रखना, और कॉइल या अगरबत्ती को हल्की खुली जगहों पर जलाना, ये छोटी-छोटी आदतें हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों को काफी हद तक कम कर सकती हैं और साथ ही कैंसर के खतरे को भी। आपका घर वह जगह बने जहां आप सुकून की सांस लें, न कि वह जगह जहां सांस लेने से भी डर लगे।