स्तन कैंसर जागरूकता और उपचार के लिए मोबाइल ऐप्स लॉन्च

तकनीक और चिकित्सा के समन्वय से कैंसर देखभाल को मजबूत करने का प्रयास
सांकेतिक चित्र
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कोलकाता : स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच और इलाज की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रेस्ट डिजीज (आईबीडी), कोलकाता ने दो नए मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं। इन ऐप्स का उद्देश्य महिलाओं और कैंसर रोगियों तक व्यापक और प्रभावी पहुंच बनाना है। ऐप्स का उद्घाटन पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. स्वपन सोरेन और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बिनोद कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. सोरेन ने कहा कि कैंसर का निदान परिवार के लिए भावनात्मक और आर्थिक रूप से गहरा आघात होता है। उन्होंने कहा, 'इलाज का खर्च कई बार परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देता है। यदि ऐसे डिजिटल टूल्स का व्यापक उपयोग हो, तो ये जानकारी, सहयोग और आत्मविश्वास प्रदान कर सकते हैं।' पहला ऐप ‘एमई ऐप’ महिलाओं को नियमित स्तन स्व-परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसमें अलर्ट-आधारित रिमाइंडर, चरणबद्ध मार्गदर्शन, लक्षणों की निगरानी और मास्टैल्जिया (स्तन दर्द) ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है। इसमें आईबीडी कोलकाता द्वारा विकसित ‘कोलकाता ब्रेस्ट पेन चार्ट’ को शामिल किया गया है, जिससे रोजमर्रा की स्तन स्वास्थ्य जानकारी को संरचित और साझा करने योग्य क्लिनिकल डेटा में बदला जा सके। दूसरा ऐप ‘कीमोकेयर’ कीमोथेरेपी से गुजर रहे मरीजों के लिए एक डिजिटल साथी की तरह काम करेगा।

यह ऐप दुष्प्रभावों की निगरानी, लक्षणों की ट्रैकिंग और इलाज के शेड्यूल का पालन करने में मदद करता है। इसका उद्देश्य कैंसर उपचार की एक बड़ी समस्या, इलाज बीच में छोड़ देने को कम करना है। आईबीडी कोलकाता के संस्थापक निदेशक डॉ. सोमेन दास ने कहा कि यह पहल तकनीक और चिकित्सा के समन्वय की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “कैंसर इलाज में सबसे बड़ी चुनौतियां देर से निदान और मरीजों का इलाज अधूरा छोड़ देना हैं। लागत एक कारण है, लेकिन हमने इसे संतुलित करने के लिए इनोवेटिव तरीके अपनाए हैं। ये ऐप्स उसी दिशा में एक कदम हैं।” उल्लेखनीय है कि आईबीडी कोलकाता राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर आशा कर्मियों के लिए एक एआई-आधारित स्क्रीनिंग और मरीज ट्रैकिंग ऐप पर भी काम कर रहा है। इस पहल के तहत फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी स्तन स्वास्थ्य से जुड़ा बुनियादी डेटा एकत्र करेंगे, संदिग्ध मामलों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भेजेंगे और एआई टूल्स की मदद से मरीजों को उच्च या निम्न जोखिम श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे समय पर इलाज और देखभाल सुनिश्चित हो सके। भविष्य की योजनाओं के तहत आईबीडी मार्च 2026 में ‘me.app’ नाम की एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसमें जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग और केयरगिविंग टूल्स को एकीकृत किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म का अंतरराष्ट्रीय अनावरण 2026 में सेंट गालेन इंटरनेशनल ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस और एशिया कैंसर कंसेंसस मीट में किया जाएगा।

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