यहां मौजूद हैं देवी स्वरूप में हनुमान जी !

देवी स्वरूप में हनुमान जी
हनुमानजी
Published on

देशभर में हनुमान जी के कई मंदिर हैं, लेकिन रतनपुर का गिरजाबंध हनुमान मंदिर अपनी अनूठी मान्यता के कारण खास है । यहां बजरंगबली पुरुष रूप में नहीं, बल्कि देवी स्वरूप में विराजमान हैं। इस खास प्रतिमा की एक और विशेषता यह है कि इसके कंधों पर भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूप भी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।

राजा पृथ्वीदेव जू से जुड़ी है ऐतिहासिक कहानी

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास सूर्यवंशी राजा पृथ्वीदेव जू से जुड़ा है। एक समय राजा गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे और उनकी हालत बेहद खराब थी। कहा जाता है कि इसी संकट के दौरान हनुमान जी ने उन्हें सपने में दर्शन देकर मंदिर बनवाने का आदेश दिया था।

महामाया कुंड से प्रकट हुई थी प्रतिमा

मंदिर का निर्माण होने के बाद प्रतिमा की स्थापना को लेकर राजा असमंजस में थे। ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी ने राजा को दोबारा स्वप्न में आकर महामाया कुंड से प्रतिमा निकालने का निर्देश दिया। जब कुंड से प्रतिमा निकाली गई, तो राजा और उनके दरबारी हैरान रह गए क्योंकि वह मूर्ति देवी स्वरूप में थी।

16 शृंगार के साथ होती है विशेष पूजा

राजा ने इसी अलौकिक प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया, जिसके बाद उनकी गंभीर बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई। आज भी इस परंपरा को निभाते हुए भक्त यहां हनुमान जी के देवी स्वरूप को 16 शृंगार अर्पित करते हैं और विधि-विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in