नवरात्रि 2026 : ज्योतिषीय महत्व, नौ रंग, पूजा की विधियां और राशियों पर प्रभाव

नौ दिनों में बढ़ाएं अपनी भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा को
Navratri
डॉ. सोहिनी शास्त्री, विख्यात ज्योतिषी एवं लाइफ कोच
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डॉ. सोहिनी शास्त्री, विख्यात ज्योतिषी एवं लाइफ़ कोच

शारदीय नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ दिनों का एक आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहार है। साल 2026 में नवरात्रि 11 अक्टूबर को शुरू होगी और 19 अक्टूबर को समाप्त होगी, जिसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। ज्योतिष के नज़रिए से, ये नौ दिन भक्ति, आत्म-अनुशासन, शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। भक्त इस समय का उपयोग अपनी आदतों पर विचार करने, नकारात्मकता को दूर करने और साहस, धैर्य व स्पष्टता विकसित करने के लिए कर सकते हैं। माना जाता है कि नियमित प्रार्थना और सोच-समझकर किए गए काम आध्यात्मिक विकास और आंतरिक संतुलन में मदद करते हैं।

नौ दिन, नौ रंग

भक्त 11 अक्टूबर को नारंगी, 12 अक्टूबर को सफ़ेद, 13 अक्टूबर को लाल, 14 अक्टूबर को रॉयल ब्लू, 15 अक्टूबर को पीला, 16 अक्टूबर को हरा, 17 अक्टूबर को ग्रे, 18 अक्टूबर को बैंगनी और 19 अक्टूबर को पीकॉक ग्रीन रंग के कपड़े पहन सकते हैं। ये रंग पारंपरिक रूप से इन दिनों और उन पर ग्रहों के प्रभाव से जुड़े हुए हैं।

नवरात्रि पूजा कैसे करें

हर दिन की शुरुआत स्नान और साफ़-सुथरे कपड़े पहनकर करें। माँ दुर्गा के सामने दीया जलाएँ और पहले दिन तय स्थानीय मुहूर्त के अनुसार घटस्थापना करें। फूल, फल, धूप, मिठाई और जल अर्पित करें। दुर्गा मंत्रों का जाप करें और अपनी परंपरा के अनुसार दुर्गा सप्तशती या देवी महात्म्य का पाठ करें। इन नौ दिनों के दौरान साफ़-सफ़ाई बनाए रखें, सात्विक दिनचर्या का पालन करें और सच्ची श्रद्धा रखें। अष्टमी या नवमी के दिन, भक्त कन्या पूजा कर सकते हैं और छोटी कन्याओं को भोजन करा सकते हैं।

नवरात्रि 2026

राशि के अनुसार भविष्यफल

मेष : आत्मविश्वास बढ़ेगा जल्दबाजी पर काबू रखें।

वृषभ : आर्थिक मामलों और परिवार में तालमेल पर ध्यान दें।

मिथुन : सीखने और बातचीत करने के कौशल में सुधार हो सकता है।

कर्क : भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक मामलों पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

सिंह : आध्यात्मिकता और आत्म-चिंतन महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

कन्या : अनुशासन से करियर और व्यक्तिगत तरक्की में मदद मिलेगी।

तुला : रिश्तों और सामाजिक संपर्कों को महत्व मिलेगा।

वृश्चिक : दृढ़ संकल्प से बाधाओं को पार करने में मदद मिलेगी।

धनु : सीखने, यात्रा और आध्यात्मिकता में प्रगति हो सकती है।

मकर : करियर की जिम्मेदारियों और आर्थिक योजना को प्राथमिकता मिलेगी।

कुंभ : नए नज़रिए और सार्थक संबंध बन सकते हैं।

मीन : अंतर्ज्ञान, भक्ति और भावनात्मक स्पष्टता मजबूत हो सकती है।

  • कुल मिलाकर, नवरात्रि हर राशि के लोगों को माँ दुर्गा का आशीर्वाद पाने के साथ-साथ भक्ति, अनुशासन और सकारात्मक कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। जन्म-कुंडली और ग्रहों की चाल के आधार पर लोगों के अनुभव अलग-अलग हो सकते हैं।

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