Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा के रंग में रंगे भारत के ये 5 शहर

मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता में गणेशोत्सव के अलग-अलग अंदाज का लें अनुभव
मोदक के साथ विराजे गणपति बप्पा
मोदक के साथ विराजे गणपति बप्पाAi generated, Pinterest
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तनीशा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखने का मौका भी है। कहीं विशाल प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनती हैं, तो कहीं पुराने गणपति मंडलों और सामुदायिक आयोजनों की अपनी पहचान है। इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को होगी। अगर आप इस दौरान गणपति उत्सव को करीब से देखना चाहते हैं, तो देश के ये पांच शहर खास अनुभव दे सकते हैं।

मुंबई में गणेश चतुर्थी
मुंबई में गणेश चतुर्थी

मुंबई (Mumbai): जहां हर गली में सुनाई देता है बप्पा का नाम

गणेशोत्सव की बात हो और मुंबई का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। शहर में बड़े-बड़े सार्वजनिक मंडलों से लेकर प्रसिद्ध गणपति प्रतिमाओं तक, पूरे शहर का माहौल उत्सवमय हो जाता है। लालबागचा राजा, मुंबईचा राजा और अंधेरीचा राजा यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। खासकर लालबागचा राजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। 2026 में लालबागचा राजा का उत्सव 14 से 25 सितंबर तक चलेगा।

पुणे में गणेशोत्सव के दौरान
पुणे में गणेशोत्सव के दौरान

पुणे (Pune) : परंपरा और भव्यता का संगम

पुणे का गणेशोत्सव अपनी पुरानी सार्वजनिक मंडल परंपरा और बड़े आयोजनों के लिए जाना जाता है। यहां श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति सबसे प्रमुख आकर्षणों में से एक है। 2026 में यहां गणेश चतुर्थी 14 सितंबर और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को होगी। इस साल दगडूशेठ मंडल का पंडाल वृंदावन के प्रेम मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित है, जिसे करीब 200 कारीगरों ने तैयार किया है।

हैदराबाद में गणेश चतुर्थी पर खैरताबाद गणपति की प्रतिमा
हैदराबाद में गणेश चतुर्थी पर खैरताबाद गणपति की प्रतिमा

हैदराबाद (Hyderabad) : विशाल प्रतिमा का आकर्षण

हैदराबाद में गणेश चतुर्थी का सबसे बड़ा आकर्षण खैरताबाद का गणपति है। 2026 में आयोजक समिति के अनुसार यहां 72 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा स्थापित की जा रही है। उत्सव 14 से 25 सितंबर तक चलेगा और अनंत चतुर्दशी पर विशाल प्रतिमा का जुलूस निकालकर हुसैन सागर में विसर्जन किया जाएगा। विशाल प्रतिमा और विसर्जन का नजारा इस उत्सव को खास बनाता है।

बेंगलुरु में गणेशोत्सव के लिए सजाया गया गणपति पंडाल
बेंगलुरु में गणेशोत्सव के लिए सजाया गया गणपति पंडाल

बेंगलुरु (Bengaluru): कर्नाटक की संस्कृति के साथ गणेशोत्सव

अगर आप गणेश चतुर्थी को स्थानीय संस्कृति के रंग के साथ देखना चाहते हैं, तो बेंगलुरु भी एक अच्छा विकल्प है। कर्नाटक पर्यटन विभाग के अनुसार, शहर के मंदिरों, मोहल्लों और घरों में गणेश उत्सव मनाया जाता है। सजे हुए गणपति, भजन, धार्मिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम यहां के उत्सव का हिस्सा हैं। इस वजह से बेंगलुरु का गणेशोत्सव बड़े सार्वजनिक आयोजनों के साथ-साथ सामुदायिक माहौल का अनुभव भी देता है।

कोलकाता में गणेश चतुर्थी पर पूजा के लिए सजे गणपति बप्पा
कोलकाता में गणेश चतुर्थी पर पूजा के लिए सजे गणपति बप्पा

कोलकाता (Kolkata): तेजी से बढ़ रहा बप्पा का उत्सव

कोलकाता में गणेश पूजा का चलन महाराष्ट्र या मुंबई जितना पुराना और व्यापक नहीं माना जाता, लेकिन शहर में यह उत्सव लगातार बढ़ रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में कोलकाता और आसपास के इलाकों में गणेश पूजा की संख्या करीब 11,000 तक पहुंचने का अनुमान है और कुम्हारटोली के मूर्तिकारों को इस साल करीब 10 से 15 फीसदी ज्यादा ऑर्डर मिले हैं। यानी अगर आप अपने ही शहर में गणेशोत्सव का बदलता रूप देखना चाहते हैं, तो कोलकाता भी इस सूची में जगह बनाता है।

मुंबई की भव्यता, पुणे की परंपरा, हैदराबाद की विशाल प्रतिमा, बेंगलुरु का सांस्कृतिक रंग और कोलकाता में बढ़ता उत्साह, गणेश चतुर्थी के दौरान हर शहर बप्पा के स्वागत का अपना अलग अंदाज दिखाता है।

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