

जयपुर : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों’ पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि तकनीकी खामियां, प्रश्नपत्र लीक होने और अंक देने में अनियमितता का खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है तथा इससे उनका व्यवस्था पर भरोसा कम हो रहा है।
बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने जयपुर के एक केंद्र पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (NEET-PG) के दौरान सर्वर ठप होने से पैदा हुई स्थिति का जिक्र किया। इसके कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके थे। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को भी इसी तरह की तकनीकी समस्या सामने आई थी।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, देश को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें हम अपने युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित कर सकें। परीक्षाएं आयोजित करने की जो व्यवस्था विकसित हुई है, वह बेहद कठिन दौर से गुजर रही है।
उन्होंने कहा,चाहे परीक्षा कराने में समस्याएं हों, प्रश्नपत्र लीक हो या अंक देने में गड़बड़ी, इसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ता है। हमें इस दिशा में काम करना होगा। इसके बाद पायलट वीरेंद्र धाम पहुंचे जहां उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की।
पायलट ने विद्यार्थियों के साथ नाश्ता किया और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। पायलट ने विद्यार्थियों को समर्पण के साथ पढ़ाई करने और समाज एवं देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने क्षेत्र के युवाओं के लिए वीरेंद्र धाम द्वारा किए जा रहे शैक्षिक और सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। वीरेंद्र धाम की स्थापना कांग्रेस के पूर्व नेता हेमाराम चौधरी ने अपने दिवंगत पुत्र वीरेंद्र चौधरी की स्मृति में की थी।
यह केंद्र ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने, पढ़ाई और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इस दौरान पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी मौजूद रहे।