राजस्थान : विपक्ष ने बजट 2026-27 को 'खोखला' और 'सतही' करार दिया

राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट राज्य विधानसभा में पेश किया
राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी
राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी
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जयपुर : मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को वित्तवर्ष 2026-27 के बजट को 'खोखला' और 'सतही' करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें स्कूलों की मरम्मत, सिंचाई तथा रोजगार जैसे कई क्षेत्रों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं।

राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट (आय-व्ययक अनुमान) राज्य विधानसभा में बुधवार को पेश किया और बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 2026-27 में 21 लाख 52,100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने बजट पेश होने के बाद कहा कि इसमें (बजट में) दूरदर्शिता का अभाव है और यह केवल पुराने भाषणों की पुनरावृत्ति पर आधारित है। उन्होंने पूर्व के बजटों में की गई घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें से ज्यादातर अधूरी हैं।

जूली ने कहा, पिछले दो बजटों की 2,718 घोषणाओं में से केवल लगभग 900 ही पूरी हुईं, जबकि 284 परियोजनाओं पर काम तक शुरू नहीं हुआ है। सरकार 2026 की जवाबदेही से बचने के लिए 2047 के सपने दिखा रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने जल जीवन मिशन को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इसके तहत दो वर्षों में 45 लाख नल कनेक्शन देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार ने सदन में स्वीकार किया है कि केवल 14 लाख कनेक्शन ही दिए गए।

जूली ने वित्तीय मोर्चे पर सरकार को घेरा और दावा किया कि राजस्व घाटा बजट अनुमान 31,009 करोड़ रुपए से बढ़कर 32,982 करोड़ रुपए हो गया है और राजस्व प्राप्तियां 9,003 करोड़ रुपए कम रहीं।

राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट को 'निराशाजनक' करार दिया और कहा कि इसमें प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने यमुना जल परियोजना और पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का हवाला देते हुए कहा कि इनके लिए न तो स्पष्ट आवंटन है और न ही समयसीमा का उल्लेख।

डोटासरा ने राज्य सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 3,768 स्कूल भवन जर्जर हैं और मरम्मत के लिए 21,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, लेकिन सरकार ने केवल 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बजट को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'डबल इंजन सरकार का डबल झटका' बताया। पहले केंद्रीय बजट में राजस्थान की अनदेखी हुई और अब राज्य बजट ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों को तोड़ दिया है।

पायलट ने बढ़ते राजस्व घाटे को वित्तीय कुप्रबंधन का नतीजा बताया और कहा कि इससे सरकार को अधिक कर्ज लेना पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाई-टेक सिटी, आईटी सिटी और एरो सिटी जैसी घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं।

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