राजस्थान हाई कोर्ट ने डीजीपी को लगाई फटकार, 12 सितंबर तक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश

पूछा- अधीनस्थ अधिकारी कर्तव्यों का निर्वहन क्यों नहीं कर रहे
राजस्थान हाई कोर्ट
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जोधपुर : राजस्थान हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से पूछा है कि उनके अधीनस्थ अधिकारी अपने वैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने में लगातार विफल क्यों हो रहे हैं। न्यायमूर्ति फरजंद अली की एकल पीठ ने कुलदीप सिंह नामक व्यक्ति की याचिका पर गवाही देने के लिए पुलिस अधिकारियों के अदालत में पेश नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के दिन यानी 12 सितंबर को एक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार के वकील ने अदालत को सूचित किया कि निचली अदालत के निरंतर प्रयासों के बावजूद अभियोजन पक्ष के गवाह, विशेष रूप से बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारी गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हो रहे।

उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए हैं, लेकिन उन वारंट पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि एक सेवारत पुलिस अधिकारी को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

अदालत ने कहा कि इस स्थिति से न्यायिक व्यवस्था में जनता का विश्वास डगमगा जाता है और कानून के शासन में समाज का भरोसा कम होता है। अदालत ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से स्पष्टीकरण मांगा कि उनके अधीनस्थ अधिकारी लगातार अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल क्यों हो रहे हैं और एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सका। डीजीपी को इस संबंध में एक हलफनामा प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।

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