अब जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 प्रसूताओं की हालत बिगड़ी

कोटा‑बीकानेर की घटनाओं के बाद अब विशेषज्ञ टीमों की जांच पर निगाहें
जोधपुर जिला अस्पताल
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जोधपुर : जोधपुर के जिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद 8 महिलाओं को गुर्दा फेल होने समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो गईं। राजस्थान में इससे पहले भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है।

महिलाओं ने सर्जरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव और निम्न रक्तचाप की शिकायत की। इनमें से दो महिलाओं को गंभीर गुर्दा संक्रमण हो गया, जिसके बाद उन्हें मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया। वहां उनका उपचार गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर (OT) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जांच के लिए ओटी से नमूने एकत्र किए गए हैं, और रिपोर्ट आने तक सभी शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं स्थगित कर दी गई हैं।

इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें सर्जरी से प्रसव के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण कोटा में चार महिलाओं और बीकानेर में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। दिल्ली एम्स तथा अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों की एक टीम का गठन कर कोटा में हुई मौतों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। बीकानेर की घटना में भी जांच शुरू की गई थी।

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SN मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बी एस जोधा ने बताया कि शनिवार को सर्जरी से 8 प्रसव कराए गए। जब दो महिलाओं की हालत बिगड़ी, तो उन्हें MDM अस्पताल भेजा गया, जबकि शेष छह महिलाओं का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एक महिला को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जबकि दूसरी जो मधुमेह से पीड़ित है उसे निम्न रक्तचाप और रक्ताल्पता हो गई। ऐसी स्थितियां गुर्दों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

जिला अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी कुलबीर चोपड़ा ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती छह महिलाओं की स्थिति फिलहाल स्थिर है। रिपोर्ट मिलने तक ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे।

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