जयपुर : राजधानी जयपुर के निजी अस्पताल और डॉक्टर शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और आपातकालीन सहित अन्य सेवाएं बंद कर दीं।
चिकित्सक संगठनों का आरोप है कि जेल में बंद डॉक्टर सोनदेव बंसल की जमानत याचिका से जुड़ी सुनवाई के दौरान, बृहस्पतिवार को राजस्थान हाई कोर्ट में उनके परिवार के सदस्यों के साथ अभद्रता व मारपीट की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जयपुर शाखा सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने बृहस्पतिवार रात कार्य बहिष्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे राज्य के डॉक्टरों में डर और गुस्सा है।
संगठनों के अनुसार बंसल की जमानत याचिका पर कल राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ में सुनवाई हुई। इस दौरान वकीलों के समूह ने कथित तौर पर नारेबाजी की और अदालत में हंगामा किया जिसके चलते इस मामले की सुनवाई 11 मई तक के लिए स्थगित कर दी गई।
डॉक्टरों के संगठनों ने आरोप लगाया कि सुनवाई के बाद बंसल के पिता और भाई को रोका गया और एक बार रूम में ले जाया गया जहां उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया, उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की गई।
यह विवाद सितंबर 2025 में जयपुर के एक निजी अस्पताल में राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत इलाज के दौरान एक वकील की मां मौत के बाद शुरू हुआ।
डॉक्टरों के संगठनों ने दावा किया कि मेडिकल बोर्ड ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं पाई लेकिन बाद में इस योजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर बंसल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने बंसल के लिए तत्काल न्याय दिलाने, न्यायिक कार्रवाई में बाधा डालने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और डॉक्टरों तथा उनके परिवारों के लिए सुरक्षा की मांग की है।