'दुनिया में सब की चिंता करता है भारत', छोटी खाटू कस्बे में बोले मोहन भागवत

अवसरों पर अपना पेट काटकर भी अन्य देशों की मदद की
मोहन भागवत
मोहन भागवत
Published on

जयपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि भारत दुनिया में सब की चिंता करता है और उसने अनेक अवसरों पर अपना पेट काटकर भी अन्य देशों की मदद की है। हिंसा और अहिंसा का संदर्भ भी धर्म के आधार पर ही होता है।

भागवत ने नागौर जिले के छोटी खाटू कस्बे में 162वें मर्यादा महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह कार्यक्रम आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में हुआ। भागवत ने वैश्विक परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि वर्तमान में व्यक्ति और देश चाहे जो भी हो मेरा स्वार्थ पूरा होना चाहिए, ऐसा सोचते हैं। लेकिन भारत न तो इस मार्ग पर चला है और न ही चलेगा।

उन्होंने कहा, भारत विश्व में सब की चिंता करता है। भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने अनेक आपदा व संकट के अवसर पर सेवा कार्य किया है। अपना पेट काटकर भी भारत ने अन्य देशों की मदद की है। यही धर्म है।

RSS प्रमुख ने कहा, धर्म हमें करणीय व अकरणीय का ज्ञान देता है। हिंसा, अहिंसा का संदर्भ भी धर्म के आधार पर होता है। हम लाठी सीख रहे हैं, तो चाहे जैसे नहीं चलाएंगे। लाठी का संदर्भ हिंसा-अहिंसा के संदर्भ में ही उसका प्रयोग मर्यादा अनुसार हो।

सरसंघचालक ने कहा, ''हम सब अलग-अलग दिखते हैं, लेकिन मूल में एक ही हैं। सभी अपने हैं, ये मानकर जीवन जीने में अपने आप मर्यादा आती है। सब अपने हैं, सबका जीवन चलना चाहिए। यही धर्म हमें सिखाता है।

उन्होंने कहा कि जीवन की सभी समस्याएं कानून से हल नहीं होती है, उससे आगे धर्म से भी अनेक समस्याओं का हल होता है। सरसंघचालक ने कहा कि भारत दुनिया को मर्यादा सिखाने के लिए सदैव ही तत्पर रहा है। भागवत ने कहा कि भारत में समाज के श्रेष्ठ लोग केवल बोलते ही नहीं है बल्कि उसे अपने जीवन में ढालते भी हैं। भारत के श्रेष्ठ लोगों का सदैव से ही अनुकरण होता रहा है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in