

जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने पशुपालकों को दूध पर मिलने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस अघोषित रूप से बंद कर दिया है।
गहलोत ने एक बयान में कहा, मैंने चुनावों के दौरान ही पशुपालकों से आगाह किया था कि अगर भाजपा सत्ता में आएगी, तो दूध पर मिलने वाले पांच रुपये प्रति लीटर के बोनस को बंद कर देगी। BJP ने कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं की तरह इस योजना को भी अघोषित रूप से बंद कर दिया है, जिससे पशुपालक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे राज्य में यही स्थिति है।
गहलोत ने कहा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद को किसान और पशुपालक बताते हैं, लेकिन ये दोनों वर्ग ही भाजपा सरकार से परेशान हैं। राज्य सरकार को फौरन पशुपालकों को दूध पर देय बोनस राशि जारी करनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पेयजल की मांग उठाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाए जाने को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर कटाक्ष भरे पोस्ट में लिखा, पानी मांगोगे तो जेल जाओगे! राजस्थान में BJP सरकार का नया ‘डबल इंजन’ सर्कस।
गहलोत ने कहा कि जोधपुर के धुंधाड़ा गांव में ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री एवं इसी गांव के निवासी जोगाराम पटेल के सामने पानी की किल्लत की समस्या रखी और पानी दिलाने की मांग की थी।उन्होंने कहा, मंत्रीजी पानी तो नहीं दिला सके, उल्टा पेयजल विभाग ने ग्रामीणों पर राजकार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज करवा दी।
गहलोत ने कहा, यह दिखाता है कि सत्ता के मद में सरकार के मंत्रियों एवं प्रशासन की मति भ्रष्ट हो चुकी है। ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार अब संवेदनहीनता और अभिमान की पराकाष्ठा पर पहुंच गई है, जिसके कारण वह ऐसा तानाशाही रवैया अपना रही है, जो बेहद निंदनीय है।