जयपुर : राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलमार्ग पर मंगलवार रात हुए विस्फोट के बाद इस मार्ग पर चलने वाली चार रेल सेवाएं बुधवार को रद्द कर दी गईं। घटना की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस), खुफिया ब्यूरो (आईबी) एवं अन्य जांच एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 9:45 बजे 50 जीबी गांव के पास रेलवे पटरी पर विस्फोट हुआ, इससे करीब 45 मिनट पहले एक यात्री ट्रेन इस इलाके से गुजरी थी। उन्होंने बताया कि धमाके से पटरी के सीमेंट के दो ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गए और वहां गड्ढा बन गया।
उन्होंने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में रह रहे लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर समेत प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद आईबी और सीआईडी की टीमें भी वहां पहुंचीं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एटीएस की टीम ने भी मौके का जायजा लिया।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), श्वान दस्ता एवं बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। जांच एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल की गई सामग्री, घटना के पीछे के मकसद और अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता का पता लगाने में जुटी हैं।
विस्फोट की तीव्रता का पता लगाने और रेलवे पटरी को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान के लिए भी जांच जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल विस्फोट के कारण और इसमें इस्तेमाल किए गए विस्फोटक के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिरीक्षक ज्योति कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। जांच स्थानीय पुलिस कर रही है। एनआईए और एटीएस की टीमें भी मौके पर पहुंची हैं।
रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार, एहतियात के तौर पर बुधवार को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर चलने वाली चार रेल सेवाएं रद्द कर दी गईं। इनमें गाड़ी संख्या 59715, 59716, 59711 और 59712 शामिल हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र का यह रेलमार्ग अनूपगढ़ तक जाता है और इसे सूरतगढ़ से जोड़ता है। सूरतगढ़ के माध्यम से यह आगे के रेल नेटवर्क से जुड़ता है। इस मार्ग पर देर रात कोई ट्रेन संचालित नहीं होती है।