'AI और ड्रोन से करें कृषि का विकास', दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल

ज्ञान का प्रकाश समाज तक पहुंचाना युवाओं का दायित्व : बागडे
हरिभाऊ बागडे
हरिभाऊ बागडे
Published on

जयपुर : राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर मात्र नहीं बल्कि यह विद्यार्थियों के नव जीवन में प्रवेश का महत्वपूर्ण क्षण है।

बागडे ने कृषि विश्वविद्यालय-जोधपुर के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में दीक्षांत ‘समावर्तन संस्कार’ के रूप में जाना जाता था, जिसमें विद्यार्थी को समाज के लिए समर्पित जीवन जीने का संदेश दिया जाता था।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान का प्रकाश समाज के प्रत्येक कोने तक पहुंचाना विद्यार्थियों का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र और समाज के विकास के लिए करें तथा जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास करते रहें।

उन्होंने शिक्षा को 'जीवन का आलोक पथ' बताते हुए कहा कि यही वह माध्यम है जिससे व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज और विश्व को भी प्रकाशित करने की क्षमता प्राप्त करता है।

राज्यपाल ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की बड़ी आबादी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि वह कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा दे, जिससे स्थानीय जलवायु के अनुरूप उन्नत खेती को प्रोत्साहन मिल सके।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कृषि क्षेत्र में नयी चुनौतियों के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन एवं रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

बागडे ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपनाने और इसके प्रति जागरुकता बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि यह प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में एक महत्वपूर्ण संकल्प का क्षण होता है।

शेखावत ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में प्राप्त ज्ञान, शिक्षकों का मार्गदर्शन और वर्षों की मेहनत के साथ-साथ अभिभावकों के त्याग एवं तपस्या का यह परिणाम है। अब यह युवाओं का दायित्व है कि वे अपने ज्ञान का उपयोग राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में करें।

इस अवसर पर राज्यपाल ने सावंत कुआं, बावड़ी स्थित डेयरी एवं खाद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय तथा प्रौद्योगिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के छात्रावासों का लोकार्पण किया तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in