

जयपुर : राजस्थान सरकार द्वारा सीमावर्ती बाड़मेर और बालोतरा जिलों की राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन के फैसले का कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया है। बाड़मेर से सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतु से विधायक हरीश चौधरी ने इसे जनभावनाओं के विरुद्ध बताया है।
राजस्व विभाग की ओर से यह आदेश 31 दिसंबर को जारी किया गया था जिसमें कहा गया कि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 15 और 16 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा पूर्व में जारी अधिसूचनाओं में आंशिक संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने जिला बालोतरा और बाड़मेर का पुनर्गठन किया है।
सांसद बेनीवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, बाड़मेर और बालोतरा जिलों के सीमांकन को लेकर जारी अधिसूचना जनहित में नहीं है, बल्कि (यह) जनभावनाओं के खिलाफ थोपी गई एक तुगलकी व्यवस्था से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के निर्णय का उद्देश्य प्रशासन को जनता के निकट लाना था, जबकि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का फैसला जनता को प्रशासन से और दूर ले जाने वाला साबित हो रहा है।
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि संसदीय क्षेत्र के बायतु और गुड़ामालानी सहित अन्य क्षेत्रों की सीमाओं के साथ मनमाने तरीके से किया गया परिसीमन आमजन के अधिकारों का हनन और लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि बायतु क्षेत्र में जनभावनाओं के विपरीत अन्य क्षेत्रों को बालोतरा जिले में रखते हुए पंचायत समिति बायतु को बाड़मेर जिले में शामिल कर जिस प्रकार विभाजित किया गया है, वह स्थानीय लोगों की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।
उन्होंने पंचायत समितियों को परिसीमन के नाम पर बिखेरने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आमजन में भारी रोष है।सांसद ने धोरीमन्ना उपखंड को बाड़मेर जिले से हटाकर बालोतरा जिले में शामिल किए जाने तथा गुड़ामालानी उपखंड के पश्चिमी और दक्षिणी गांवों के प्रशासनिक पुनर्गठन को भी अत्यंत अव्यावहारिक करार दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मामले में हस्तक्षेप कर जनभावनाओं और जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की अपील की।
इस बीच, कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने राजस्व विभाग के आदेश की प्रति साझा करते हुए ‘एक्स’ पर शायराना अंदाज में लिखा, तुम इधर भेजो मुझे, तुम उधर भेजो मुझे, नक्शों से खेलकर चाहे जिधर भेजो मुझे। सीमाएं बदलने से न डरूंगा न झुकूंगा… मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं, चाहे किधर भेजो मुझे।