

जयपुर : राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की सुगबुगाहट के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर में पंचायती राज, गांवों में विकास कार्यों की बदहाली और वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस ने नागौर से पंचायती राज चुनाव के अभियान का आगाज किया है, जिसका ऐतिहासिक महत्व है। राजस्थान के नागौर में ही पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज की नींव रखी थी और वहीं से हम आज इस चुनाव का आगाज कर रहे हैं। पंचायती राज राजनीति के विकेंद्रीकरण के रूप में एक तीसरी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 73वां और 74वां संविधान संशोधन लाकर पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती दी। उनकी सोच थी कि गांव के अंदर गांव की सरकार बने। गांव के लोग क्या चाहते हैं, वे खुद अपना एजेंडा और कार्ययोजना तैयार करें और उसी के आधार पर गांव का विकास हो।
कांग्रेस ने हमेशा ही ग्रामीण अंचल को मजबूत करने की जिम्मेदारी उठाई है और आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हम फिर से शुरुआत कर रहे हैं। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जूली ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल से प्रदेश में पंचायती राज चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे गांवों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद करीब तीन हजार करोड़ रुपये का फंड पंचायतों तक नहीं पहुंचा है। आज गांवों की व्यवस्थाएं बिगड़ी हुई हैं। लोगों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, पालनहार योजना का पैसा नहीं आ रहा है, स्कॉलरशिप और सब्सिडी अटकी हुई है। किसानों को न समय पर खाद मिल रहा है और न ही बीज मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस विफलता के कारण आने वाले पंचायती राज चुनाव में ऐतिहासिक परिणाम आएंगे और जनता कांग्रेस के पक्ष में फैसला सुनाएगी। टीकाराम जूली ने सरकार पर वोटर डिटेल्स मांगने और वोटर लिस्ट से नाम हटाने का भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आरोप नहीं है बल्कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं।
उन्होंने कहा, मैंने सबूत के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया है और अपनी बात रखी है। सरकार में हिम्मत है तो जवाब देकर बताए कि किसके निर्देश पर ये डिटेल्स मांगी जा रही थीं और क्यों मांगी जा रही थीं।
उन्होंने नगर निकाय चुनावों के दौरान भी ऐसी डिटेल्स मांगी थीं, लेकिन उस समय हमारे पास सबूत नहीं था। इस बार हमारे पास पुख्ता सबूत है और हमने सबूत के साथ इस बात को रखा है।
कांग्रेस नेता ने एसआईआर और फॉर्म नंबर-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी और इसके खिलाफ अभियान चलाएगी। उन्होंने पूछा, फॉर्म नंबर-6 में तब्दीली क्यों की गई है ? जो कॉलम पहले अनिवार्य था, उसे अब क्यों हटा दिया गया है ? ये जो कर रहे हैं, वो ठीक नहीं कर रहे हैं। ये सत्ता हथियाने के लिए असली वोटरों के नाम काट रहे हैं।
जूली ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ वोटरों के नाम काटे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये नाम किस आधार पर काटे गए हैं और क्या इन लोगों को अपनी बात रखने के लिए सुनवाई का मौका दिया जाएगा, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है।
उन्होंने भाजपा पर तानाशाही और लोकतंत्र का हनन करने का आरोप लगाते हुए कहा, वोट चोरी करके, पार्षद और डायरेक्टर चोरी करके भले ही ये जीत जाएं लेकिन जनता ने इन्हें नहीं जिताया है। नगर निकाय चुनाव में ये बुरी तरह हारे हैं। इन्हें पिछले नगर निकाय चुनाव में विधानसभा और लोकसभा चुनाव से भी कम वोट मिले हैं।