

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मिर्जा ग़ालिब स्ट्रीट स्थित एक गेस्ट हाउस में आग लगने की घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इलाके के कारोबारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। आग की इस घटना में बांग्लादेशी नागरिक समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने कार्रवाई करते हुए कई गेस्ट हाउस और होटलों को बंद कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेशी पर्यटकों को इलाके में ठहरने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गेस्ट हाउस बंद होने से कारोबार पर असर : होटल और गेस्ट हाउस बंद होने के बाद बांग्लादेशी पर्यटकों के ठहरने के विकल्प कम हो गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि इसका सीधा असर इलाके के स्थानीय व्यवसायों पर पड़ा है। आज भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है और कई कारोबारियों को पहले की तरह ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।
बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या में कमी : कारोबारियों के अनुसार, आग की घटना के बाद कोलकाता आने वाले बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। इलाके के कई कारोबार बांग्लादेशी पर्यटकों पर निर्भर हैं। पर्यटकों की संख्या कम होने से होटल, रेस्तरां, रिटेल दुकानों, फॉरेक्स और परिवहन से जुड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं। कारोबारियों का कहना है कि इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और इसकी भरपाई करना आसान नहीं है।
अधिक किराया देने को मजबूर पर्यटक : कई व्यापारियों ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण बांग्लादेशी पर्यटकों का कोलकाता आना कम हुआ है। वहीं, जो बांग्लादेशी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, उन्हें गेस्ट हाउस में ठहरने के लिए पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि सीमित संख्या में उपलब्ध आवासीय विकल्पों के कारण पर्यटकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि इसका असर पूरे इलाके के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है।