फाइल फोटो
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चोरबागान भगदड़ : पूजा पंडाल के बाहर लगे 32 में से 16 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ‘गायब''

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पंडाल डिजाइनर सुशांत शिबानी पाल को पुलिस ने किया तलब

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में मची भगदड़ के समय पंडाल और उसके आसपास कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिनमें से 16 की फुटेज ‘‘उपलब्ध नहीं’’ है। पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग घायल हुए थे। आरोप है कि पंडाल के ढहने की घोषणा लाउडस्पीकर से kr जाने के बाद भगदड़ मची थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘पूजा पंडाल और उसके आसपास करीब 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनमें से 16 की फुटेज नहीं मिल पाई। भगदड़ जैसी स्थिति कैसे बनी और हादसे की वजह क्या थी, इसका पता लगाने के लिए रिकॉर्डिंग जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘16 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत पुलिस ने पंडाल डिजाइनर सुशांत शिबानी पाल और घटना वाली रात वहां तैनात 12 कर्मियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पाल को बुधवार तक लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है। जांचकर्ता उनसे पंडाल के डिजाइन और निर्माण, आगंतुकों के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा भीड़ की आवाजाही सुगम बनाने के लिए तैयार किए गए नक्शे के बारे में पूछताछ करेंगे।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘पंडाल के बाहर और उसके प्रवेश तथा निकास द्वारों के पास तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इन कर्मियों को पूछताछ के लिए जांचकर्ताओं के समक्ष पेश होने को कहा गया है।’’ पुलिस ने सोमवार को तीन प्रत्यक्षदर्शियों को भी बयान दर्ज कराने के लिए लालबाजार स्थित मुख्यालय में तलब किया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भगदड़ के मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है और घटना में घायल हुए कई लोगों, होमगार्ड, नागरिक स्वयंसेवकों, निजी सुरक्षा कर्मियों तथा स्थानीय निवासियों सहित करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती की अध्यक्षता में छह-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी को तीन महीने के भीतर अपनी जांच के निष्कर्ष और सिफारिशें सौंपने को कहा गया है।
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