डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता
डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता

डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता का कार्यकाल फिर बढ़ा

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अगले छह महीने तक पद पर बने रहेंगे

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता

: त्योहारों के मौसम के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल की अवधि को एक बार फिर छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। आगामी 31 अक्टूबर को उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था, लेकिन नए दिशानिर्देश के बाद अब वह अगले छह महीने तक राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल में यह लगातार दूसरी बार विस्तार किया गया है। इससे पहले इसी साल 30 अप्रैल को उनकी सेवानिवृत्ति की स्वाभाविक तिथि थी। हालांकि, राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके कार्यकाल में पहली बार छह महीने की वृद्धि की थी। इस बढ़े हुए कार्यकाल की समयसीमा 31 अक्टूबर को पूरी होने वाली थी, लेकिन ठीक उससे पहले केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी कर उनके सेवा विस्तार पर आधिकारिक मुहर लगा दी है।

चुनावी माहौल में संभाली थी कमान

उल्लेखनीय है कि इस साल मार्च महीने में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने तत्कालीन डीजीपी पीयूष पांडेय को हटाकर सिद्धनाथ गुप्ता को राज्य का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया था। संवेदनशील राजनीतिक परिस्थितियों और चुनाव के दौरान जिस कुशलता के साथ उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को संभाला था, उसकी प्रशासनिक स्तर पर काफी सराहना हुई थी। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी वह अपनी जिम्मेदारी अत्यंत दक्षता के साथ निभा रहे हैं।

राज्य सरकार के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस महकमे में कार्य निरंतरता और स्थिरता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की ओर से डीजीपी के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा गया था। इसी प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन ‘मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति’ (कैबिनेट अपॉइंटमेंट्स कमेटी) ने इस निर्णय को स्वीकृति दे दी है। केंद्र के इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल राज्य पुलिस के शीर्ष स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल नहीं होने जा रहा है और आगामी अप्रैल महीने तक सिद्धनाथ गुप्ता ही इस पद पर बने रहेंगे।
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