

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कसबा थाना इलाके में फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देशभर के लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजडांगा मेन रोड स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी कर कुल 66 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पहले कॉल सेंटर से 23 महिलाएं और सहित 40 लोग और दूसरे से 18 महिलाएं सहित 26 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों कॉल सेंटर एक ही गिरोह से जुड़े थे और इनका संचालन संदीप बनर्जी और उसके सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था। कोलकाता पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को 2 सितंबर की दोपहर सूचना मिली थी कि राजडांगा मेन रोड स्थित एक कार्यालय में अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। छापेमारी में कई लोग मोबाइल से कॉल करते मिले। पूछताछ में पता चला कि वे रोबस्ट डिजिटल सॉल्यूशन नाम के कर्मचारी हैं और खुद को विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर देशभर में लोगों को फोन करते थे। गुरुवार को सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया जहां 28 अभियुक्तों को 28 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अन्य को 1,000 रुपये के बॉन्ड पर सशर्त जमानत दे दी गई।
मोबाइल टावर और लोन के नाम पर ठगी
गिरोह लोगों को अलग-अलग मोबाइल कंपनियों की ओर से 5जी टावर लगाने के बदले आकर्षक रिटर्न का लालच देता था। इसके लिए 90 हजार से 1.50 लाख रुपये तक की प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती थी। रकम मिलने के बाद पीड़ितों को ठग लिया जाता था।इसी तरह बीमा पॉलिसी में आकर्षक रिटर्न और स्वास्थ्य बीमा की गारंटी, कम ब्याज पर बिजनेस व पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर भी पैसे लिए जाते थे। रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए गिरोह फर्जी कंपनियों, बैंकों और सरकारी संस्थाओं के प्राधिकरण प्रमाणपत्र भी दिखाता था। जांच में पता चला कि पिछले छह महीनों में करीब 100 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। फर्जी कॉल सेंटर पहले पटुली इलाके से संचालित हो रहा था और करीब एक महीने पहले राजडांगा स्थित इस ठिकाने पर स्थानांतरित किया गया था।