नामी आईटी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 56 लाख की ठगी

कई राज्यों में फैला जाल, टेक्नो सिटी थाने में केस दर्ज
फाइल फोटो
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विधाननगर : महानगर में आईटी सेक्टर में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। देश की एक नामी आईटी कंपनी में जॉब दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 56 लाख रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ टेक्नो सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह केस हालीशहर थाना द्वारा भेजी गई ज़ीरो एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह धोखाधड़ी कई राज्यों में फैले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।

क्या है पूरा मामला

शिकायत के अनुसार, झारखंड के जमशेदपुर निवासी रजनीश शर्मा को अक्टूबर 2022 में उनके मित्र तापस बेहरा ने बताया कि टीसीएस में भर्ती निकली है और सही संपर्क होने पर उन्हें नौकरी मिल सकती है। इसके बाद मुख्य आरोपित देबजानी चक्रवर्ती, निवासी—रोहिणी अपार्टमेंट, हालीशहर—ने रजनीश से संपर्क किया। उसने उनकी निजी जानकारी के साथ 1.50 लाख रुपये ‘एंट्री अमाउंट’ की मांग की, जिसे रजनीश ने नौकरी की आशा में तुरंत दे दिया।

इसके बाद देबजानी ने रजनीश से शैक्षणिक प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत दस्तावेज और इंटरव्यू से जुड़ी तैयारियों से संबंधित कागजात भेजने को कहा। उस पर विश्वास करते हुए रजनीश ने सभी दस्तावेज प्रदान कर दिए। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 तक रजनीश ने UPI के माध्यम से आरोपी के नंबर पर 20.79 लाख रुपये भेज दिए। रकम चुकाने के बाद भी नौकरी का कोई ठोस परिणाम न मिलने पर रजनीश को शक हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इसके अलावा, शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने टीसीएस कैंडर, गीतांजलि पार्क, न्यू टाउन प्रवेश द्वार पर आरोपित को 15 लाख रुपये नकद भी सौंपे। इस प्रकार कुल मिलाकर उनसे 56 लाख रुपये ठगे गए।

शिकायत में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि यह एक संगठित ठगी गिरोह है, जिसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब पैसे की आवाजाही, आरोपी व्यक्तियों की भूमिका और इस रैकेट के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। preliminarily जांच से संकेत मिल रहे हैं कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल, झारखंड और अन्य राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस इस मामले को एक बड़े इंटर-स्टेट फ्रॉड रैकेट के रूप में देख रही है।

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