

कोलकाता : आसान तरीके से अमीर बनने के लालच ने एक छात्र को शातिर अपराधी बना दिया। सरसुना के एक लग्जरी मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट में रहने वाले युवक ने साबुन पर चाबी का निशान लेकर नकली चाबी बनाई, फिर प्रोफेशनल अंदाज में इलेक्ट्रिक आरी से लॉकर काटकर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक के सोने और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा लालबाजार के एंटी बर्गलरी शाखा के अधिकारियों ने किया है।
पुलिस ने इस मामले में हर्षवर्धन साव नामक छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपित की महिला दोस्त साउथ कोलकाता के भवानीपुर स्थित एक नामी निजी कॉलेज में बीसीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है और वह उसी अपार्टमेंट में रहती है, जहां चोरी हुई। सोमवार को हर्षवर्धन को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 8 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, हर्षवर्धन एक नगर निगम ठेकेदार का बेटा है और सरसुना स्थित उसी आवासन की दूसरी मंजिल पर रहता है, जबकि उसकी महिला दोस्त का परिवार पांचवीं मंजिल पर रहता है। परिचय और नजदीकी के चलते वह अक्सर उसके फ्लैट में आता-जाता था। पिछले महीने उसे पता चला कि 21 दिसंबर से कुछ दिनों तक घर के सभी सदस्य बाहर रहेंगे। साथ ही उसे यह भी जानकारी थी कि बिजनेसमैन के बेडरूम की अलमारी में बने लॉकर में भारी मात्रा में सोना और नकदी रखी है। इसी दौरान उसने पूरी लूट की योजना बनाई। सबसे पहले उसने साबुन के टुकड़े पर फ्लैट की चाबी का निशान लेकर नकली चाबी तैयार की। इसके बाद ऑनलाइन एक इलेक्ट्रिक आयरन आरी और पैसे गिनने की मशीन खरीदी। मौका मिलते ही वह फ्लैट में घुसा और अलमारी के पीछे से लॉकर को इलेक्ट्रिक आरी से काट दिया। आरोपित ने अंदर से करीब 1 किलो 200 ग्राम सोने के गहने, कई सोने के बिस्किट और 26.50 लाख रुपये नकद निकाल लिये। फ्लैट के अंदर बैठकर उसने मशीन से पैसे गिने और सारा माल एक बैग में भरकर फरार हो गया।
मदद के नाम पर हार्ड डिस्क भी चुराया
जब परिवार के सदस्य लौटे और अलमारी खोली तो लॉकर खाली देखकर हड़कंप मच गया। शोर सुनकर हर्षवर्धन खुद सामने आया और चोर को पकड़ने का भरोसा दिलाते हुए सामने वाले फ्लैट का सीसीटीवी देखने के बहाने उसका हार्ड डिस्क चुरा ले गया। इसके बाद परिवार ने सरसुना थाने में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में पुलिस को किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता का सुराग नहीं मिला। सामने वाले फ्लैट के सीसीटीवी हार्ड डिस्क गायब होने से फुटेज भी नहीं मिल पाई। इसके बाद लालबाजार इंटेलिजेंस विभाग की चोरी निरोधक शाखा ने जांच का दायरा बढ़ाया और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। अंततः शक के आधार पर हर्षवर्धन के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली गई, जिससे पता चला कि वारदात के वक्त वह फ्लैट के अंदर ही मौजूद था। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपित टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सीसीटीवी फुटेज से भी सबूत मिले, जिसमें वह इलेक्ट्रिक आरी और लूटे गए सोने-नकदी के साथ बाहर निकलता दिख रहा है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक आरी बरामद कर ली है और लूटे गए सोने व नकदी की बरामदगी के लिए उससे पूछताछ जारी है।