मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर फिदायीन हमले की धमकी देने वाला युवक गिरफ्तार

गार्डनरिच इलाके से कोलकाता पुलिस ने पकड़ा अभियुक्त को
संवाददाताओं को संबोधित करते एडिशनल सीपी वी.सोलोमन नेसा कुमार। साथ में हैं डीसी डीडी स्पेशल विदित राज बुंदेश
संवाददाताओं को संबोधित करते एडिशनल सीपी वी.सोलोमन नेसा कुमार। साथ में हैं डीसी डीडी स्पेशल विदित राज बुंदेश
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कोलकाता : राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर अलकायदा द्वारा फिदायीन हमले की आशंका जताने वाले एक फर्जी ईमेल मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस सिलसिले में कोलकाता पुलिस के भवानीपुर थाने के अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त की पहचान हसनैन इकबाल के रूप में हुई है । वह महज 12वीं कक्षा पास है, लेकिन आईटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) मामलों में खासा माहिर है। पुलिस ने उसे गार्डनरिच इलाके से पकड़ा है। शनिवार को अभियुक्त को अदालत में पेश करने पर उसे 18 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है, वह बेहद चौंकाने वाला है। आरोपित ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाने के लिए नहीं, बल्कि एक महिला से अपना निजी बदला लेने के लिए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार गत 14 मई की सुबह करीब 10.45 बजे भवानीपुर थाने के ओसी की आधिकारिक मेल आईडी पर एक ईमेल आया। इस ईमेल में दावा किया गया था कि 'आबिदा अली' नाम की एक महिला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन 'अलकायदा' की सदस्य है और वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर बम से हमला करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत मामले की जांच शुरू की गई। हाईटेक सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से जब पुलिस ने इस ईमेल के आईपी एड्रेस और रूट को ट्रैक किया, तो सुई आबिदा अली पर नहीं, बल्कि हसनैन इकबाल पर जाकर टिकी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हसनैन को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने कुबूल किया कि आबिदा अली नाम की महिला के प्रति उसके मन में गहरी रंजिश थी। उसे एक गंभीर आपराधिक मामले और आतंकी संगठन के नाम पर फंसाकर जेल भिजवाने के लिए उसने खुद महिला के नाम का इस्तेमाल कर यह फर्जी ईमेल तैयार किया था। आरोपित वर्तमान में एक दुकान में नौकरी करता है।

पहले भी चुनाव आयोग और नेताओं को भेज चुका है धमकी

पुलिस ने बताया कि हसनैन ऐसा पहली बार नहीं कर रहा था। इससे पहले भी उसने चुनाव आयोग समेत कई राजनीतिक हस्तियों को धमकी भरे मेल भेजे थे। उसका काम करने का तरीका यही था कि जिस किसी व्यक्ति से उसकी निजी दुश्मनी या नाराजगी होती थी, वह उस व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर वीआईपी लोगों को धमकी दे देता था, ताकि पुलिस सीधे उसके दुश्मनों को उठा ले। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह की फर्जी और भ्रामक हरकतें करता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लालबाजार की ओर से जारी संदेश में स्पष्ट कहा गया है, ‘इस तरह के धमकी भरे या फर्जी ईमेल भेजने वाले लोग खुद को कितना भी शातिर समझें, वे कानून की नजर से बच नहीं सकते। देर-सबेर पुलिस उन्हें ढूंढ ही निकालेगी। इसलिए ऐसे गंभीर अपराधों से दूर रहने में ही भलाई है।’


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